प्रदर्शन खत्म होते ही CJP की डांस पार्टी!: विवाद बढ़ा तो सौरव दास बोले- 'हम नाच-गाकर आंदोलन करते हैं, यही है Gen Z' - Haribhoomi

Published on 27 जुल॰ 2026

37 दिन तक चले आंदोलन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे बाद CJP कार्यकर्ताओं के जश्न का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो पर विवाद बढ़ने के बाद सौरव दास ने सफाई दी है।

Saurav Das dance video viral

सौरव दास ने वायरल वीडियो पर तोड़ी चुप्पी

  • Published: 27 Jul 2026, 04:38 PM IST
  • Last Updated: 27 Jul 2026, 05:35 PM IST

Saurav Das: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चला छात्र आंदोलन खत्म हो गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कुछ सदस्यों का जश्न मनाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कार्यकर्ता एक होटल में  डांस करते और खुशी मनाते नजर आ रहे हैं, जिसमें  CJP के प्रवक्ता सौरव दास भी नजर आ रहे हैं।

इन तस्वीरों और वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि क्या आंदोलन खत्म होते ही इस तरह का जश्न मनाना उचित था। इस विवाद के बीच सौरव दास ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और जेन-जी का बचाव किया है। 

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
वायरल वीडियो के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने CJP के रवैये पर सवाल उठाए। कुछ लोगों का कहना था कि जब राजधानी हाल ही में प्रदर्शन और पुलिस के साथ हुई झड़पों के तनाव से गुजर रही थी, तब इस तरह जश्न मनाना गलत संदेश देता है।

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— Dear Men (@Dear_Men_Life) July 26, 2026

More Shamelessness pic.twitter.com/auLfntRU9F

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सौरव दास बोले- नई पीढ़ी का आंदोलन करने का तरीका अलग है
विवाद बढ़ने पर CJP के स्पोक्स पर्सन सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए लिखा- "इससे साफ पता चलता है कि आलोचक 'जेन ज़ी' (Gen Z) और युवा पीढ़ी की भाषा बिल्कुल नहीं समझते। हम जितनी देर चाहें सड़क पर बैठ सकते हैं। हम नाचते-गाते हुए भी विरोध कर सकते हैं। हम कोल्ड कॉफी पीते हुए भी लोगों को इकट्ठा कर सकते हैं। हम बदलाव के लिए लड़ सकते हैं, भले ही हमारा तरीका वैसा न हो जैसा पिछली पीढ़ियाँ किसी आंदोलन के लिए सोचती थीं (किसी पर कोई कटाक्ष नहीं!)"

It just goes to show that the government and godi anchors simply do not understand the language of Gen Z and younger generations.

We can sit on the road for as long as it takes. We can protest while dancing. We can organise while sipping cold coffee. We can fight for change… https://t.co/3URTemFOoA

— Saurav Das (@SauravDassss) July 27, 2026

पोस्ट में आगे लिखा- "यह पीढ़ी ऐसी ही है। कॉन्फिडेंट, क्रिएटिव, मुश्किलों का सामना करने वाली और ऐसी जिसे किसी एक सांचे में नहीं ढाला जा सकता। अंकल-आंटी शिकायत करते रह सकते हैं। उन्हें बस हमें झेलना ही होगा!"

इस्तीफे के बाद खत्म हुआ 37 दिन का आंदोलन
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने 26 जुलाई को अपना आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया। इससे पहले संगठन के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बैठक की थी।

संगठन का दावा है कि सरकार ने उनकी कई प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। इनमें मंत्री का इस्तीफा, परीक्षा विवाद के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

शिक्षा सुधार पर होगी अगली बैठक
CJP के अनुसार, आंदोलन समाप्त होने के बावजूद शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार को लेकर सरकार के साथ अगले चार सप्ताह में एक और बैठक प्रस्तावित है। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं था, बल्कि शिक्षा प्रणाली में बदलाव की दिशा में आगे भी प्रयास जारी रहेंगे।

इस बीच, जंतर-मंतर पर आंदोलन खत्म होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी और जश्न के साथ अपने अभियान का समापन किया, जिसके बाद प्रदर्शन स्थल को खाली कर दिया गया।