दुर्ग-भिलाई5 घंटे पहले
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दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम पतोरा स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला की प्रधान पाठिका ममता शांडिल्य के खिलाफ मंगलवार को ग्रामीणों, पालकों, जनप्रतिनिधियों और स्कूली बच्चों ने विरोध प्रदर्शन किया। सभी लोग जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय पहुंचे और उन्हें निलंबित या बर्खास्त करने की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार, 18 जुलाई को एक छात्र को कथित तौर पर कांटेदार डंडे से पीटा गया, जिससे उसके हाथ में चोट आई। उनका कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बच्चों के साथ मारपीट और अपमानजनक व्यवहार किया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान पाठिका के खिलाफ पहली लिखित शिकायत मार्च 2026 में शिक्षा मंत्री, जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी को दी गई थी। जांच शुरू हुई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

छात्राओं ने अपनी हथेलियां दिखाईं।
छात्र ने सुनाई आपबीती
छात्र आलोक साहू ने बताया कि लंच के समय वह स्कूल के पीछे बैठा था। तभी प्रधान पाठिका ने बुलाकर कांटेदार डंडे से पीटा। पूछने पर सिर्फ इतना कहा कि स्कूल के पीछे क्यों गए थे। छात्र का आरोप है कि प्रधान पाठिका अक्सर कहती हैं, "पढ़ना है तो पढ़ो, नहीं तो टीसी लेकर चले जाओ।"
मोटापे का मजाक उड़ाने का आरोप
छात्र अमृत पाल ने आरोप लगाया कि प्रधान पाठिका उसके मोटापे का मजाक उड़ाती हैं और अपमानजनक बातें कहती हैं। लड़कियों से चाय बनवाई जाती है और कई बार निजी काम भी करवाए जाते हैं। शिकायत करने पर ऊंची पहुंच का डर दिखाया जाता है।
एसएमसी अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और उपसरपंच देवशरण कौशल ने कहा कि मार्च में भी बच्चों से मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक टिप्पणी की शिकायत की गई थी। जांच में कई शिक्षकों और बच्चों ने प्रधान पाठिका के खिलाफ बयान दिए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

डीईओ ने मामले में तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है।
पालकों ने कहा- बच्चे स्कूल जाने से डर रहे
पालक समिति अध्यक्ष महेंद्र गजपाल ने कहा कि लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के कारण बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधान पाठिका का व्यवहार अन्य शिक्षकों के साथ भी ठीक नहीं है।
सरपंच ने लगाए सरकारी सामान के दुरुपयोग के आरोप
ग्राम पंचायत पतोरा के सरपंच भुवनेश्वर प्रसाद साहू ने आरोप लगाया कि स्कूल का कुछ सरकारी सामान प्रधान पाठिका के निजी स्कूल 'शांडिल्य पब्लिक स्कूल' में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इस आरोप की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बच्चों ने स्कूल नहीं जाने की चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा कि जब तक प्रधान पाठिका के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक बच्चे स्कूल नहीं जाएंगे। जरूरत पड़ने पर स्कूल में तालाबंदी करने की भी चेतावनी दी गई है।
12 बिंदुओं की शिकायत में कई आरोप
डीईओ को दिए गए शिकायत पत्र में बच्चों से मारपीट, गाली-गलौज, जातिसूचक टिप्पणी, शिक्षकों से दुर्व्यवहार, निजी काम करवाने, बिना अनुमति अनुपस्थित रहने, पढ़ाई नहीं कराने, सरकारी सामग्री के कथित दुरुपयोग और प्रशासनिक गड़बड़ियों जैसे आरोप लगाए गए हैं।
डीईओ ने बनाई तीन सदस्यीय जांच समिति
दुर्ग जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने कहा कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। टीम को स्कूल भेज दिया गया है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर प्रधान पाठिका के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
शारीरिक दंड पर पहले से रोक
डीईओ ने कहा कि विभाग पहले ही सभी शिक्षकों को निर्देश दे चुका है कि किसी भी छात्र को शारीरिक दंड या मानसिक प्रताड़ना नहीं दी जाएगी। नियम तोड़ने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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