बालोतरा में हिरणों के शिकार मामले में ग्रामीण और वन्य जीव प्रेमियों का धरना 48 घंटे बाद सोमवार रात को रेंजर के खिलाफ विभागीय जांच करने और सभी आरोपियों को पकड़ने के आश्वासन पर सहमति बन गई। बाड़मेर डीएफओ सविता दहिया ने धरना स्थल पर पहुंचकर मांगों को सुना
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ग्रामीणों की मांगों पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त किया।
अब समझिए क्या है पूरा मामला
ग्रामीणों ने बताया- शनिवार (8 अगस्त) की रात को समदड़ी थाना इलाके के पाबूपुरा गांव में पिकअप और थार गाड़ी में आए शिकारियों ने 8-10 हिरणों का शिकार किया। जब ग्रामीणों ने गांव में ये गाड़ियां घूमते देखी तो इनका पीछा करना शुरू कर दिया। इसके साथ ही वन्यजीव प्रेमियों को सूचना दे दी। सभी ने मिलकर इन गाड़ियों को ढूंढा और पीछे लग गए।
लोगों को पीछा करने देख शिकारी 2 मृत हिरणों को सड़क किनारे फेंककर पिकअप लेकर भाग गए। ग्रामीणों ने इसके बाद भी पिकअप का पीछा जारी रखा। बाइक पर 3 किलोमीटर तक पीछा किया। पिकअप गाड़ी को रुकवाया तो शिकारी पिकअप छोड़ कर भाग निकले।
इसके बाद वन विभाग के रेंजर उमराव सिंह को सूचना दी। उमराव 5 घंटे से बाद आए और मृत हिरणों को आनन-फानन में कार में डालकर ले जाने लगे। ऐसे में वन्यजीव प्रेमी भड़क गए। रेंजर पर सबूत मिटाने और शिकारियों से मिलीभगत के आरोप लगाए।

रेंजर की गाड़ी में रखे हिरणों के शव।
सोमवार शाम को डीएफओ पहुंची धरना स्थल
समदड़ी थाने के पाबूपुरा गांव में चल रहे धरना स्थल पर डीएफओ सविता दहिया पहुंची। वन्यजीव प्रेमियों और ग्रामीणों से बातचीत की। उनकी मांगों को सुना। लंबी वार्ता के बाद डीएफओ ने मांगों पर जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। डीएफओ ने रेंज के खिलाफ जांच करने, पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आए आरोपियों को पकड़ा जाएगा। वहीं थार गाडी को लेकर भी टीम जांच कर रही है।
पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ नया रेस्क्यू खोलेंगे
डीएफओ सविता दहिया ने बताया- हमने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिए है। बाकी जांच जारी है। पोस्टमार्टम के बाद कोर्ट में पेश करेंगे। यहां पर हिरणों की संख्या ज्यादा है। खेतों, गोचर में रहते है। इसलिए गश्त भी बढ़ाई जाएगी। एक रेस्क्यू सेंटर खोला जाएगा। यहां पर स्टॉफ ज्यादा उपस्थित होनी चाहिए। यहां जो ट्रेडिशनल डेरे है कुछ लोग है शिकार करते आए है। हम ज्यादा से ज्यादा पेट्रोलिंग करेंगे। ताकि इस तरीके की घटना जितनी हो सके कम हो।