डेहरी नगर परिषद के EO विमल कुमार हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। अफसर की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उनके अपने ड्राइवर ने पेशाब करने के विवाद में लोहे की रॉड से की थी।
डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार हत्याकांड मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा सामने आया है।
- Published: 02 Aug 2026, 03:27 PM IST
- Last Updated: 02 Aug 2026, 03:27 PM IST
Dehri EO murder case: रोहतास जिले के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार हत्याकांड मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। जिस घटना को पहले अज्ञात अपराधियों द्वारा रची गई साजिश और लूटपाट माना जा रहा था, दरअसल उसकी सच्चाई कुछ और ही निकली।
EO विमल कुमार की हत्या किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि उनकी अपनी गाड़ी के ड्राइवर ने ही की थी। आरोपी ड्राइवर ने पेशाब करने के मामूली विवाद पर लोहे की रॉड से अपने ही अफसर को मौत के घाट उतार दिया और बाद में पूरी झूठी कहानी गढ़ दी।
मगध रेंज के आईजी विकास वैभव द्वारा घटनास्थल पर सीन का रिक्रिएशन (पुनरावृत्ति) कराए जाने के बाद ड्राइवर ने खुद सारा सच उगल दिया। पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए लोहे के रॉड की तलाश की जा रही है।
घटनास्थल का निरीक्षण और सीन का रिक्रिएशन
रविवार को मगध रेंज के आईजी विकास वैभव विमल कुमार हत्याकांड की जांच के लिए खुद घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ औरंगाबाद के एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा, एसडीपीओ सुशील कुमार और अन्य वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके का बारीकी से निरीक्षण किया और हिरासत में लिए गए मुख्य आरोपी चालक मिथिलेश कुमार से पूछताछ के आधार पर पूरी घटना का सीन रीक्रिएट कराया।
जांच के बाद आईजी विकास वैभव ने मीडिया को जानकारी दी कि अभी तक की गई पड़ताल में यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या उनके ही चालक मिथिलेश कुमार ने लोहे की रॉड से हमला करके की है।
काम के तनाव और बार-बार बयान बदलने से हुआ शक
पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई कि चालक मिथिलेश कुमार काम के अत्यधिक दबाव की वजह से लगातार तनाव में चल रहा था। इस मानसिक तनाव के चलते उसकी कई बार कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार के साथ नोकझोंक भी हो चुकी थी। इस बात की पुष्टि नगर परिषद के अन्य कर्मियों से भी की जा सकती है। आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन यानी शनिवार को भी दिन में अफसर के साथ उसकी बहस हुई थी।
शनिवार की देर शाम डेहरी में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद EO विमल कुमार अपनी कार से पटना के लिए रवाना हुए थे और गाड़ी उनका चालक मिथिलेश कुमार ही चला रहा था। जैसे ही गाड़ी बारुण थाना क्षेत्र के धनौती और लखडिहरा के बीच पहुँची, चालक ने गाड़ी रोककर पेशाब करने की बात कही, जिस पर कार्यपालक पदाधिकारी ने उसे ऐसा करने से मना कर दिया।
मामूली विवाद से भड़का गुस्सा और रची झूठी कहानी
निषेध के बाद ड्राइवर और अधिक आवेश में आ गया और उसने गाड़ी वहीं रोककर अफसर के साथ झगड़ा करना शुरू कर दिया। गुस्से में वह गाड़ी से नीचे उतरा और वाहन के पिछले हिस्से में रखे लोहे के रॉड को निकालकर कार्यपालक पदाधिकारी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उस समय अधिकारी भी गाड़ी से नीचे उतरे हुए थे और चालक ने उन पर कई वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर अचेत हो गए।
इसके बाद आरोपी ड्राइवर ने इस घटना को एक सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। उसने गाड़ी को इस तरह से नहर की ओर मोड़ा कि वह दुर्घटना लगे। लेकिन जब उसे लगा कि इस पर किसी को यकीन नहीं होगा, तो उसने अपराधियों द्वारा हत्या की झूठी कहानी गढ़ दी। उसने खुद ही सबको फोन कर बताया कि बाइक सवार बदमाशों ने EO की हत्या कर दी है। हालांकि, जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो वह बार-बार अपने बयान बदलने लगा। कभी उसने दो अपाचे बाइकों पर सवार अपराधियों के आने की बात कही तो कभी एक अपाचे बाइक का जिक्र किया, जिससे पुलिस का शक उस पर और गहरा गया।
गोताखोरों की टीम और FSL जुटी साक्ष्य जुटाने में
पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ किए जाने के बाद आखिरकार आरोपी ने पूरे हत्याकांड का राज खोल दिया। उसने हत्या में प्रयुक्त लोहे का रॉड जिस जगह नहर में फेंका था, उसे बरामद करने के लिए गोताखोरों की विशेष टीम बुलाई गई है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस ने घटनास्थल की पूरी तरह से घेराबंदी कर दी है और वहां सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। पुलिस अब इस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़े सभी बचे हुए सबूतों को संकलित करने में जुटी हुई है।