बालाघाट के लांजी क्षेत्र के नीमटोला निवासी विलास चौरे के घर गुरुवार तड़के EOW जबलपुर की टीम ने छापा मारा। विलास चौरे मनेरी सेवा सहकारी समिति में प्रभारी प्रबंधक के पद पर काम कर रहा है।
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कार्रवाई में टीम को उसकी आय से 500 गुना अधिक संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। EOW ने बैंक खातों को सीज कर दिया है।
करीब डेढ़ दर्जन अधिकारियों की टीम ने कार्रवाई की
EOW के डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि कुल वाहनों की कीमत करीब दो करोड़ रुपए है। विलास चौरे पत्नी के नाम से टूर एंड ट्रैवल्स का काम भी कर रहे थे।
उनके पास पांच बसों में चार 50 सीटर बस और एक ट्रैवलर बस, दो बोलेरो, एक ग्रैंड विटारा, एक स्कॉर्पियो और दो ट्रैक्टर शामिल हैं। दोनों ट्रैक्टर खेती के लिए किराए पर चलाते थे।
साल 2016 में लांजी में मकान बनाया था, जिसमें 50 लाख रुपए का निर्माण कराया था। करीब छह महीने पहले पास के गांव में 10 लाख रुपए की कृषि भूमि खरीदी थी।
घर में जिम खोलने वाले थे। इसके लिए 10 लाख रुपए के इक्विपमेंट्स भी खरीद रखे थे। पत्नी, बेटे और ट्रैवल्स के नाम से जिला सहकारी बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खाते मिले हैं। इन खातों पर रोक लगा दी है। एलआईसी की चार पॉलिसी और पांच लाख रुपए का सोना मिला है।

प्रबंधक दैनिक वेतन भोगी के रूप में पदस्थ हुआ था
DSP मंजीत सिंह ने बताया कि विलास चौरे वर्ष 2014 में सेवा सहकारी समिति में दैनिक वेतन भोगी के रूप में पदस्थ हुआ था। वर्तमान में वह प्रभारी प्रबंधक के रूप में कार्यरत था।
करीब 12 साल की नौकरी में उसकी आय लगभग 25 लाख रुपए बताई गई है। EOW के अनुसार, जांच में सामने आई संपत्तियां उसकी ज्ञात आय की तुलना में करीब 500 गुना अधिक हैं।

EOW के अधिकारी गुरुवार सुबह चौरे के आवास पर पहुंचे और जांच शुरू की।
जानकारी जुटाने के लिए संबंधित बैंकों को पत्र भेजे
DSP के मुताबिक EOW ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक खातों में जमा राशि और अन्य वित्तीय जानकारी जुटाने के लिए संबंधित बैंकों को पत्र भेजे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

टीम घर में मौजूद दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
प्रबंधक बोले- जलन की भावना से की गई शिकायत
सोसायटी प्रबंधक विलास चौरे ने कहा- EOW की टीम ने उनके निवास पर कार्रवाई की, जिसमें उन्होंने टीम का पूरा सहयोग किया। शिकायत जलन की भावना से की गई है और उनकी छवि धूमिल करने की सोची-समझी साजिश है।
विलास चौरे ने कहा कि अगर जांच में वे गलत पाए जाते हैं तो कार्रवाई के लिए तैयार हैं। टीम ने सभी दस्तावेजों की जांच की और कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई।
सुबह 6 बजे पहुंची EOW टीम, घर में जांच जारी
EOW के अधिकारी गुरुवार सुबह चौरे के आवास पर पहुंचे और जांच शुरू की। टीम घर में मौजूद दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई पूरी होने के बाद ही मामले में विस्तृत जानकारी सामने आएगी।

बालाघाट जिले में करीब एक पखवाड़े के भीतर EOW की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
परिवार के नाम कृषि यंत्रों का कारोबार भी है
विलास चौरे वर्तमान में सेवा सहकारी समिति मनेरी में प्रभारी प्रबंधक के पद पर हैं। उनके परिवार के नाम कृषि यंत्र बेचने का व्यवसाय भी बताया गया है। इसके अलावा 'मातोश्री' नाम से बालाघाट से हैदराबाद रूट पर तीन बसों के संचालन की जानकारी सामने आई है।
संपत्ति और आय से जुड़े दस्तावेजों की जांच
EOW की कार्रवाई फिलहाल जारी है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में टीम संपत्ति और आय से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि चौरे के पास आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक कितनी संपत्ति मिली है।
15 दिन में जिले में EOW की दूसरी कार्रवाई
बालाघाट जिले में करीब एक पखवाड़े के भीतर EOW की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 3 सितंबर को EOW ने बालाघाट के पीआईयू-ई कमलकिशोर सिंगारे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की थी।
जांच में उनकी आय से 378 प्रतिशत अधिक, करीब 11 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति मिलने की बात सामने आई थी। इसमें नकदी के साथ पत्नी और बेटों के नाम पर संपत्तियां मिलने की जानकारी दी गई थी।