उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर जिले की शिकारपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक एवं पूर्व राज्यमंत्री अनिल शर्मा का बुधवार को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। 63 वर्षीय अनिल शर्मा लंबे समय से कैंसर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।
बुलंदशहर के शिकारपुर विधायक और पूर्व मंत्री अनिल शर्मा का निधन (फाइल फोटो।)
- Published: 02 Sep 2026, 04:04 PM IST
- Last Updated: 02 Sep 2026, 04:04 PM IST
बुलंदशहर : उत्तर प्रदेश के जनपद बुलंदशहर की शिकारपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक और पूर्व राज्यमंत्री अनिल शर्मा का बुधवार दोपहर निधन हो गया। वह लगभग 63 वर्ष के थे और लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। दिल्ली स्थित अस्पताल में उनका गहन उपचार चल रहा था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही बुलंदशहर, शिकारपुर और पूरे प्रदेश के राजनीतिक हलकों में शोक का माहौल छा गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक अनिल शर्मा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए ईश्वर से पुण्यात्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को यह आघात सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
निर्विरोध ग्राम प्रधान से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
अनिल शर्मा मूल रूप से बुलंदशहर जिले के शिकारपुर क्षेत्र स्थित सुरजावली गांव के रहने वाले थे। उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत जमीनी स्तर से की थी। युवावस्था में ही वर्ष 1989 में वह अपने पैतृक गांव सुरजावली से निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए थे और लगातार दो बार प्रधान पद पर रहे। इसके बाद उन्होंने मुख्यधारा की प्रांतीय राजनीति की ओर रुख किया।
खुर्जा से दो बार बने बसपा विधायक
वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में अनिल शर्मा ने बहुजन समाज पार्टी बसपा के टिकट पर खुर्जा विधानसभा सीट से ताल ठोकी और पहली बार में ही विजय हासिल कर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद वर्ष 2007 में भी उन्होंने खुर्जा सीट से बसपा उम्मीदवार के रूप में अपनी जीत दोहराई। वर्ष 2012 में उन्होंने शिकारपुर विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था।
2017 में भाजपा का थामा दामन, बने वन राज्यमंत्री
इसके बाद अनिल शर्मा भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें शिकारपुर से उम्मीदवार बनाया, जहां उन्होंने शानदार जीत दर्ज की। प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने उन पर भरोसा जताया और उन्होंने शिकारपुर सीट पर लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार विधायक चुने जाने का गौरव प्राप्त किया।
विधानसभा में रिक्त हुई एक और सीट
चार बार के अनुभवी जनप्रतिनिधि अनिल शर्मा के निधन के बाद प्रदेश में रिक्त हुई विधानसभा सीटों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों का कहना है कि अनिल शर्मा एक सहज और सुलभ राजनेता थे, जिन्होंने हमेशा अपने क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी। उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से उनके पैतृक गांव सुरजावली लाए जाने की तैयारी की जा रही है, जहां उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा।