पलायन पर लगाम और सपनों को उड़ान: उत्तराखंड में 'युवा आयोग', Gen Z के लिए क्या है धामी सरकार का मास्टरप्लान

Published on 22 अग॰ 2026

By Oneindia Staff

Time Published: Saturday, August 22, 2026, 15:04 [IST]

उत्तराखंड के युवाओं को अब अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपने घर और राज्य को छोड़ने की मजबूरी नहीं होगी। प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार युवाओं को राज्य के भीतर ही शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। राज्य में पहली बार 'युवा आयोग' (Youth Commission) का गठन किया जा रहा है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी से लेकर अपना बिजनेस शुरू करने के लिए आर्थिक मदद तक, जानिए धामी सरकार का यह नया मास्टरप्लान राज्य के युवाओं के भविष्य को कैसे बदलने वाला है। उत्तराखंड सरकार न केवल युवाओं को प्रोत्साहन बल्कि निति-निर्माण में भी नई पीढी की सीधी भागीदारी को लेकर गंभीर कदम उठा रही है।

Uttarakhand CM Pushkar Dhami Speaks

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के पहले समर्पित 'युवा आयोग' के गठन की घोषणा की है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों के युवाओं की जरूरतें अलग होती हैं। दूरदराज के गांव में रहने वाले छात्र और किसी कस्बे के युवा उद्यमी की चुनौतियाँ अलग हैं। यह आयोग युवाओं की समस्याओं और आकांक्षाओं को सीधे सरकार के नीति-निर्धारण (Policymaking) तक पहुँचाने का काम करेगा।

ये भी पढें: आपदा प्रबंधन का 'धामी मॉडल': बचाव से पुनर्वास तक, उत्तराखंड के परिवारों को पुनर्निर्माण में सहायता

'मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना-2026' - घर बैठे मिलेगी फ्री कोचिंग

पहाड़ी जिलों के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और न ही महंगी प्राइवेट कोचिंग का बोझ उठाना पड़ेगा। इसके तहत 11वीं और 12वीं के 10,000 होनहार छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने के लिए सरकार ने ₹7 करोड़ आवंटित किए हैं।

योजना के तहत, सिविल सर्विसेज (UPSC/PCS), डिफेंस (NDA/CDS), बैंकिंग, रेलवे और SSC के साथ-साथ CAT, MAT, GATE, NET और CSIR-NET जैसी उच्च स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी घर बैठे मुफ्त में कराई जाएगी।

'युवा स्वरोजगार योजना': खुद का बिजनेस शुरू करने का मौका

सरकार युवाओं को सिर्फ नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला (Job Creator) बनाना चाहती है। IIT/IIM से ट्रेनिंग व सब्सिडी: 18 से 30 वर्ष के युवाओं को अपना स्टार्ट-अप या बिजनेस शुरू करने के लिए IIT और IIM जैसे शीर्ष संस्थानों से स्किल ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। साथ ही बैंक लोन पर 30% तक की सब्सिडी भी मिलेगी।

धामी सरकार की इस मह्त्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत बॉर्डर की करीब के गांवों के युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों (Agniveers) स्वरोजगार के लिए विशेष वित्तीय छूट और प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है।

हिल इंडस्ट्रियल पार्क - अपने घर में काम

पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में नए 'हिल इंडस्ट्रियल पार्क' (Hill Industrial Parks) स्थापित किए जा रहे हैं। इन पार्कों के जरिए पहाड़ी जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं को उनके घर के पास ही रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे न केवल युवाओं का पलायन रुकेगा, बल्कि स्थानीय बाजारों और छोटी दुकानों की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

युवाओं के साहस को सम्मान: 'राज्य बाल वीरता पुरस्कार'

आपदा और विषम परिस्थितियों से जूझने वाले उत्तराखंड में बच्चों और युवाओं के अदम्य साहस को भी नई पहचान दी जा रही है। प्राकृतिक आपदाओं या दुर्घटनाओं के दौरान असाधारण साहस दिखाने वाले बच्चों को 'राज्य बाल वीरता पुरस्कार' से सम्मानित किया जाएगा।

चाहे परीक्षा की तैयारी हो, नया स्टार्टअप शुरू करना हो या पहाड़ों में ही सम्मानजनक नौकरी पाना हो-उत्तराखंड सरकार की यह पहल राज्य के युवाओं को अपने ही घर में एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य बनाने का ठोस आधार दे रही है।

ये भी पढें: यूपी के 52 नेताओं को क्यों मिली 10 लाख की बुलेटप्रूफ जैकेट? CM Yogi-Akhilesh समेत कौन-कौन?