Haryana News : कैथल में एसीबी का बड़ा एक्शन, 25 हजार रिश्वत लेते सिविल लाइन थाने का SI गिरफ्तार - Doon Horizon

Published on 30 सित॰ 2026

कैथल सिविल लाइन थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार को 25 हजार रुपये घूस लेते एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ा। एफआईआर न दर्ज करने के एवज में मांगी थी रकम।

दून हॉराइज़न, कैथल (30 सितंबर) : कैथल में रिश्वतखोरी के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti-Corruption Bureau) ने बुधवार को सीधी कार्रवाई करते हुए सिविल लाइन थाने के सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार को 25,000 रुपये घूस लेते रंगे हाथ धर दबोचा। आरोपी दारोगा एक नागरिक के खिलाफ लंबित शिकायत पर मुकदमा न दर्ज करने का दबाव बनाकर सौदेबाजी कर रहा था।

दारोगा की इस करतूत से परेशान होकर शिकायतकर्ता सीधे विजिलेंस के पास पहुंच गया। इसके बाद जो जाल बिछा, उसमें खाकी का रौब दिखाने वाला यह सब-इंस्पेक्टर सीधे फंस गया।

एफआईआर न दर्ज करने का डर दिखाकर मांगी थी रिश्वत

मामला थाना सिविल लाइन का है, जहां शिकायतकर्ता के खिलाफ एक अर्जी जांच के लिए विचाराधीन थी। सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज न करने और फाइल रफा-दफा करने के एवज में 25 हजार रुपये की मांग रखी।

पीड़ित ने घूस देने के बजाय इसकी गुप्त शिकायत एसीबी यूनिट, कैथल को सौंप दी। विजिलेंस अधिकारियों ने प्राथमिक तौर पर तथ्यों और बातचीत का गोपनीय सत्यापन कराया। जब दारोगा की ओर से रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई, तो इंस्पेक्टर सूबे सिंह के नेतृत्व में एक विशेष ट्रैप टीम गठित की गई।

केमिकल लगे नोट थमाते ही शैडो गवाह ने दिया इशारा

तय योजना के तहत शिकायतकर्ता को केमिकल लगे नोट देकर सब-इंस्पेक्टर के पास भेजा गया। मौके पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक राजपत्रित अधिकारी और छाया गवाह (Shadow Witness) को साथ रखा गया था।

जैसे ही पीड़ित ने थाने के आसपास सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार को 25 हजार रुपये थमाए, इशारा मिलते ही एसीबी टीम ने उसे घेर लिया। हाथ धुलवाते ही केमिकल का रंग गुलाबी हो गया, जिससे मौके पर ही रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण मिल गया।

कार्रवाई के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर अंबाला स्थित एसीबी थाने ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ अभियोग संख्या 19 (दिनांक 30 सितंबर 2026), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) के तहत गंभीर कानूनी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आरोपी को अब सक्षम अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि थाने में लंबित मामलों को रफा-दफा करने का यह कोई नियमित धंधा तो नहीं था।

एसीबी अधिकारियों ने दो टूक कहा है कि सरकारी दफ्तरों या थानों में अगर कोई भी कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत मांगता है, तो नागरिक बिना डरे ब्यूरो के हेल्पलाइन नंबरों पर सीधा संपर्क करें।