IPS Vinod Kumar कौन हैं? स्वतंत्रता दिवस पर ग्रामीणों पर पत्थर फेंके? पुलिसकर्मी ने किसानों पर AK-47 तानी?

Published on 16 अग॰ 2026

Time Published: Sunday, August 16, 2026, 19:00 [IST]

IPS Vinod Kumar Profile: हरियाणा के हांसी में 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद हांसी के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार चर्चा में हैं। घटना से जुड़े एक कथित वीडियो में एक पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों की ओर पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में दिखाई देने वाले अधिकारी की पहचान हांसी के एसपी विनोद कुमार के तौर पर की जा रही है।

विनोद कुमार ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव किया जा रहा था और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। इस झड़प में एसपी विनोद कुमार समेत पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। आखिर कौन हैं IPS?

who-is-ips-vinod-kumar

Who Is IPS Vinod Kumar: कौन हैं IPS विनोद कुमार?

विनोद कुमार हरियाणा कैडर के 2015 बैच के IPS अधिकारी हैं। उनका IPS पहचान नंबर 20152845 है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय की IPS सिविल लिस्ट के अनुसार, वह मूल रूप से State Police Service (SPS) से प्रमोट होकर IPS में आए अधिकारी हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक उन्हें 19 जुलाई 2021 को IPS में शामिल किया गया था।

MHA की 2026 की सिविल लिस्ट में विनोद कुमार की जन्मतिथि 5 मार्च 1975 दर्ज है। उसी रिकॉर्ड में उनकी पोस्टिंग कमांडेंट, 4th Battalion HAP MBN के रूप में दर्ज है। हालांकि, मार्च 2026 में हरियाणा पुलिस के तबादला आदेश के बाद उन्हें SP हांसी (Hansi) नियुक्त किया गया था।

Hansi Violence: कब बने हांसी के SP?

मार्च 2026 में हरियाणा पुलिस ने नौ IPS अधिकारियों का तबादला किया था। इस फेरबदल में 2015 बैच के अधिकारी विनोद कुमार को हांसी का पुलिस अधीक्षक बनाया गया। उनके बैचमेट चंद्र मोहन को कुरुक्षेत्र का SP नियुक्त किया गया था। इससे पहले विनोद कुमार 4th Battalion HAP MBN के कमांडेंट पद पर तैनात थे। MHA की सिविल लिस्ट में उनकी यह पोस्टिंग फरवरी 2024 से दर्ज है।

स्वतंत्रता दिवस पर क्या हुआ?

15 अगस्त 2026 को हांसी में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान उस समय तनाव बढ़ गया, जब बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान जीवन कुंडू की हत्या (Kisan Jivan Kundu Murder Case) के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे थे कि जीवन कुंडू (Jivan Kundu) की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इसी मांग को लेकर कई दिनों से आंदोलन चल रहा था। इससे पहले 14 अगस्त को किसानों और खाप प्रतिनिधियों ने हिसार, हांसी और रोहतक क्षेत्र के सात टोल प्लाजा करीब तीन घंटे तक बंद रखे थे। 15 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) को हांसी में स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करना था। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई।

पत्थर फेंकते नजर आए SP विनोद कुमार?

घटना के बाद सामने आए एक कथित वीडियो ने विवाद को और बढ़ा दिया। वीडियो में वर्दी पहने एक पुलिस अधिकारी सड़क से पत्थर उठाकर प्रदर्शनकारियों की दिशा में फेंकता दिखाई देता है। इस अधिकारी की पहचान SP विनोद कुमार के रूप में की गई है। विनोद कुमार ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया। उनके मुताबिक, जब बड़ी संख्या में लोग पत्थर फेंक रहे थे तो भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।

झड़प में खुद भी घायल हुए SP

हांसी में हुई झड़प के दौरान पथराव में SP विनोद कुमार और एक DSP के घायल होने की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों की तरफ से भी पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज में लोगों के घायल होने के आरोप लगाए गए हैं। विपक्षी नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

AK-47 किसानों पर तानने वाला कौन?

घटना से जुड़ा एक दूसरा वीडियो भी चर्चा में है। इसमें एक पुलिस अधिकारी दूसरे पुलिसकर्मी से AK-47 लेने की कोशिश करता और हथियार की नली प्रदर्शनकारियों की दिशा में जाती हुई दिखाई देती है। रिपोर्टों में इस अधिकारी की पहचान कप्तान सिंह के रूप में बताई गई है, जो हांसी की CIA से जुड़े अधिकारी हैं। हालांकि, इस वीडियो में हथियार से गोली चलने की पुष्टि नहीं हुई है। SP विनोद कुमार ने भी कहा कि पुलिसकर्मियों के पास राइफलें मौजूद थीं, लेकिन उनके अनुसार प्रदर्शनकारियों पर गोली नहीं चलाई गई और न ही हथियार से फायरिंग की गई।

Kisan Jivan Kundu Murder Case: जीवन कुंडू हत्याकांड क्या है?

हांसी में हुआ विवाद डेयरी संचालक जीवन कुंडू की हत्या से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, 4 अगस्त को हिसार जिले के किनाला गांव के रहने वाले जीवन पर हमला हुआ था। बाद में उनकी मौत हो गई। परिवार और ग्रामीणों का आरोप है कि हमले में कई लोग शामिल थे और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराजगी बढ़ती गई। इसी मांग को लेकर परिवार और ग्रामीणों ने जीवन के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। पुलिस की ओर से फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमों के गठन और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जानकारी दी गई है। आंदोलन के चलते हिसार-हांसी क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।

पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

हांसी की घटना के बाद विपक्षी नेताओं और किसान संगठनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और कथित पुलिस पथराव की जांच की मांग की है। वहीं पुलिस का पक्ष है कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की स्थिति पैदा होने के बाद बल प्रयोग किया गया।