देश की दिग्गज IT कंपनी में घट रही कर्मचारियों की संख्या, नतीजों के बाद हुआ खुलासा

Published on 24 जुल॰ 2026

देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस ने अपने तिमाही नतीजे जारी कर दिए है. इंफोसिस के तिमाही नतीजों के मुताबिक कंपनी शुद्ध मुनाफा 12% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा. वहीं कंपनी ने नए CEO-डिज़िग्नेट का ऐलान किया है, तिमाही नतीजों में कंपनी ने वित्तवर्ष 2027 के लिए राजस्व वृद्धि अनुमान घटाकर निवेशकों को सतर्क रहने का संकेत भी दिया है.

इसके अलावा कंपनी ने यह भी साफ किया है कि बीते तिमाही में कंपनी से करीब 500 से ज्यादा कर्मचारियों ने या तो नौकरी छोड़ी है या उन्हें विदा कर दिया गया है. रिटेंनशन रेट की बात करें तो इस दौरान इन्फोसिस के कर्मचारियों की संख्या चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में तिमाही आधार पर 532 घटकर 3,28,062 रह गई.

4000 फ्रेशर्स की नियुक्ति

तिमाही नतीजों के मुताबिक कंपनी ने इस दौरान 4,000 से अधिक नए स्नातकों की नियुक्ति की है. बेंगलुरु स्थित कंपनी ने कहा कि वह चालू वित्त वर्ष में कुल 20,000 कॉलेज स्नातकों की भर्ती करने की योजना पर काम कर रही है. यह संख्या पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के बराबर है.

क्या है आगे की योजना

इन्फोसिस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सलिल पारेख ने कहा, ‘चालू वित्त वर्ष में हमारी योजना 20,000 कॉलेज स्नातकों को नियुक्त करने की है. पहली तिमाही में ही हम 4,000 से अधिक नियुक्तियां कर चुके हैं, इसके साथ ही हमें उत्पादकता में सुधार का लाभ भी मिलता रहेगा. कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 30 जून, 2026 तक घटकर 3,28,062 हो गई, जो मार्च, 2026 के अंत में 3,28,594 थी. इस तरह तिमाही आधार पर कर्मचारियों की संख्या में 532 की कमी आई. हालांकि, सालाना आधार पर कंपनी ने 4,274 कर्मचारी जोड़े हैं. वित्त 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही में इन्फोसिस के कर्मचारियों की संख्या 3,23,788 थी.

निवेशकों के लिए क्या होगा खास

अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाली तिमाहियों में वैश्विक मांग में कितना सुधार होता है और इंफोसिस अपने संशोधित ग्रोथ अनुमान के भीतर प्रदर्शन कर पाती है या नहीं. साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में मिलने वाले नए ऑर्डर भी कंपनी की भविष्य की विकास दर तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे.

मनीष रंजन

मनीष रंजन

बिजनेस और इकोनॉमी की कठिन से कठिन खबरों को ऐसी भाषा में पाठक तक पहुंचाना जो सीधे उनके दिमाग से होकर दिल में उतर जाए. जी बिजनेस, भास्कर, पत्रिका, शेयरचैट जैसे संस्थानों में अहम भूमिका निभा चुके है. 15 सालों से बिजनेस जर्नलिज्म में काम कर चुके मनीष रंजन TV9 Hindi में बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. खबरों के साथ साथ टीम मैनेजमेंट, डिजिटल स्टैटजी, डाटा एनालिसिस में भी काफी रुचि है. शेयरचैट में नार्थ, ईस्ट और वेस्ट इंडिया के तमाम मीडिया हाउसेस को उनकी डिजिटल स्ट्रैटजी बेहतर करने का काम किया है. इसके लिए उन्हें अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है.

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