दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के दौरान किसी असामाजिक तत्व, अपराधी, वांटेड क्रिमिनल या एंटी-सोशल एलिमेंट की मौजूदगी को रोकने के लिए FRS कैमरों की मदद ली जा रही है.
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के दौरान किसी असामाजिक तत्व, अपराधी, वांटेड क्रिमिनल या एंटी-सोशल एलिमेंट की मौजूदगी को रोकने के लिए FRS कैमरों की मदद ली जा रही है.
![]()
New Update
/newsnation/media/media_files/2026/07/24/protest-2026-07-24-20-27-54.jpg)
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली जिले के मौजूदा हालात और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में FRS (Facial Recognition System) कैमरे लगाए गए हैं. पुलिस का कहना है कि इन कैमरों का मकसद प्रदर्शनकारियों की जासूसी करना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी संभावित खतरे से निपटना है.
सुरक्षा के लिहाज से लगाए गए FRS कैमरे
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के दौरान किसी असामाजिक तत्व, अपराधी, वांटेड क्रिमिनल या एंटी-सोशल एलिमेंट की मौजूदगी को रोकने के लिए FRS कैमरों की मदद ली जा रही है. इन कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट करने में मदद मिल सकती है.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि राजधानी में बड़े आयोजनों और संवेदनशील मौकों पर सुरक्षा के मद्देनजर इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल पहले भी किया जाता रहा है. 26 जनवरी और 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्वों के अलावा होली, दीपावली, ईद और रामलीला जैसे बड़े धार्मिक एवं सार्वजनिक आयोजनों के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था के तहत अलग-अलग स्थानों पर FRS कैमरे लगाए जाते हैं.
'प्रदर्शनकारियों की जासूसी के लिए कैमरे लगाने का दावा गलत'
दिल्ली पुलिस सूत्रों ने उन दावों को गलत बताया है जिनमें कहा जा रहा है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों की जासूसी करने के इरादे से FRS कैमरे लगाए गए हैं. पुलिस का कहना है कि कैमरे लगाने का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है, न कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों की निगरानी करना.
सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है और किसी भी संभावित आपराधिक या असामाजिक गतिविधि को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है.
सीमा पार के आतंकी संगठनों को लेकर भी इनपुट
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को कथित तौर पर ऐसे इनपुट मिले हैं कि छात्रों के प्रदर्शन पर सीमा पार सक्रिय आतंकी संगठनों की भी नजर है. सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि कुछ आतंकी संगठन या उनके समर्थक देश का माहौल खराब करने की साजिश को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं.
हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें! विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें