उत्तर प्रदेश की सियासत में 'चवन्नी' वाले बयान को लेकर समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा पूर्व सहयोगी दलों पर कसे गए तंज के बाद आरएलडी प्रमुख एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने तीखा पलटवार किया है।
एक कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए कहा था कि हमने किसी को चवन्नी से रुपया बनाया, फिर भी लोग साथ छोड़कर चले गए।
- Published: 22 Aug 2026, 09:38 AM IST
- Last Updated: 22 Aug 2026, 11:59 AM IST
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा बिना नाम लिए अपने पुराने गठबंधन सहयोगियों पर 'चवन्नी का रुपया बनाने' की टिप्पणी के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जातीय और सियासी समीकरण गरमा गए हैं।
इस टिप्पणी को राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने पूरे जाट समाज और किसानों की अस्मिता से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। इस जुबानी जंग के बीच बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के भी खुलकर जयंत के पक्ष में उतरने से सपा विरोधी खेमा लामबंद होता दिखाई दे रहा है।
'सस्ते शब्द बोलने थे तो मेरा नाम लेते, जाट समाज को क्यों किया टारगेट': जयंत चौधरी
रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अखिलेश यादव के बयान का सीधा जवाब देते हुए भारी नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा कि अगर सियासी लड़ाई में कुछ घटिया या सस्ते शब्द बोलने ही थे तो उनका नाम लेकर सीधे बोलते, इसमें कोई गुरेज नहीं था।
लेकिन पूरे जाट समाज को निशाना बनाना और यह कहना कि राजनीति की 'ABCD हमने सिखाई', बेहद अनुचित है। जयंत ने दो टूक कहा कि वह इस तरह के घमंड को बहुत करीब से देख चुके हैं और इतिहास गवाह है कि ऐसा अहंकारी आचरण राजनीति में सिर्फ पतन की ओर ले जाता है।
सियासत की लड़ाई में कुछ सस्ते शब्द बोलने ही थे तो मेरा नाम लेकर बोल देते,
कोई बात नहीं थी…जाट समाज को टारगेट करना और कहना ABCD हमने सिखाई?
मैं इस अहंकार को देख चुका हूँ करीब से और मानता हूँ ऐसा आचरण सिर्फ़ पतन लाता है!
— Jayant Singh (@jayantrld) August 21, 2026
जयंत के समर्थन में खुलकर उतरीं मायावती, अखिलेश से तुरंत माफी की मांग
इस राजनीतिक विवाद में बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने जयंत चौधरी का खुलकर समर्थन किया है। मायावती ने अखिलेश यादव के बयान को अशोभनीय, अहंकारी और निंदनीय बताते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के परिवार और पूरे जाट समाज का अपमान करने के लिए अखिलेश यादव को तुरंत माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने सपा के इतिहास पर तंज कसते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी काम निकलते ही गिरगिट की तरह रंग बदलती है और उसका यही अहंकारी रवैया अतीत में गठबंधन टूटने और गेस्ट हाउस कांड जैसी घटनाओं की वजह बना था।
'चवन्नी से रुपया बनाने' वाले बयान से भड़का सियासी विवाद
इस पूरे विवाद की जड़ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का वह बयान है जिसमें उन्होंने गठबंधन के दौर का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा था कि समाजवादी पार्टी ने अपने सहयोगियों को हमेशा आगे बढ़ाने और मजबूत करने का काम किया।
अखिलेश ने कहा था कि पार्टी ने चवन्नी को रुपया बनाया, फिर भी लोग साथ छोड़कर चले गए। इस बयान के सामने आते ही आरएलडी और जाट समाज से जुड़े नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे चौधरी चरण सिंह की विरासत और किसानों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला कदम बताया।