Jharkhand News: स्वच्छ भारत मिशन 2.0 को मिली रफ्तार, झारखंड के 50 शहरी निकायों के लिए 4.23 करोड़ रुपये जारी

Published on 2 अग॰ 2026

Jharkhand News: झारखंड सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत राज्य के शहरी निकायों के लिए 4 करोड़ 23 लाख 33 हजार 333 रुपये की राशि जारी की है. यह पैसा नगर निकायों की कार्यक्षमता बढ़ाने, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और बेहतर योजना प्रबंधन के लिए दिया गया है. नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किया है.

किन कामों में खर्च होगी राशि?

सरकार के अनुसार यह फंड क्षमता विकास (कैपेसिटी बिल्डिंग), कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) और नॉलेज मैनेजमेंट जैसे कार्यों पर खर्च किया जाएगा. इसका उद्देश्य शहरी निकायों को और मजबूत बनाना है, ताकि वे स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू कर सकें. यह राशि SNA SPARSH प्रणाली के माध्यम से जारी की गई है. इसमें 60 प्रतिशत यानी 2.54 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत यानी 1.69 करोड़ रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए गए हैं.

सूडा को मिली सबसे अधिक राशि

राज्य स्तर पर योजना के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) को सबसे अधिक 70.83 लाख रुपये दिए गए हैं. इस राशि का उपयोग पूरे राज्य में मिशन की निगरानी, प्रशिक्षण और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जाएगा.

नगर निगमों और बड़े निकायों को मिला फंड

आपको बता दें कि सरकार ने 10 बड़े शहरी निकायों को भी राशि आवंटित की है. रांची, धनबाद और जमशेदपुर (एनएसीटी) को 12.50-12.50 लाख रुपये दिए गए हैं. वहीं देवघर, गिरिडीह, हजारीबाग, चास, मानगो, आदित्यपुर और मेदिनीनगर नगर निगम को 10-10 लाख रुपये मिले हैं.

नगर परिषद और नगर पंचायतों को भी लाभ

राज्य की 20 नगर परिषदों को 7.50-7.50 लाख रुपये दिए गए हैं. इनमें झुमरी तिलैया, चिरकुंडा, फुसरो, चतरा, रामगढ़, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, दुमका, मधुपुर, पाकुड़, गोड्डा, साहेबगंज, मिहिजाम, चाईबासा, चक्रधरपुर, जुगसलाई, कपाली, विश्रामपुर और गढ़वा शामिल हैं.

इसके अलावा 19 नगर पंचायतों को 5-5 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं. इनमें कोडरमा, डोमचांच, बासुकीनाथ, धनवार, बड़की सरैया, बुंडू, खूंटी, महागामा, राजमहल, बरहरवा, जामताड़ा, चाकुलिया, सराइकेला, हुसैनाबाद, छतरपुर, हरिहरगंज, मझियांव, श्री बंसीधरनगर और लातेहार शामिल हैं.

शहरी स्वच्छता व्यवस्था होगी मजबूत

सरकार का मानना है कि इस फंड से नगर निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा. इससे स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत चल रही योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी. साथ ही शहरों में साफ-सफाई की व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को बेहतर शहरी सुविधाएं मिल सकेंगी.

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