अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल के पीआईएसयू वार्ड में भर्ती मरीज की अटेंडेंट महिला के साथ रेजिडेंट डॉक्टर की ओर से अभद्रता और अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया। महिला का बेटा हॉस्पिटल में भर्ती था।
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शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर परिजन ने हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद हॉस्पिटल प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया।
जांच कमेटी की रिपोर्ट फिलहाल नहीं मिली, लेकिन सीसीटीवी और प्राथमिक जांच में अस्पताल प्रशासन ने रेजिडेंट को दोषी माना और सस्पेंड करने की अनुशंसा (सिफारिश) कर दी है। प्रिंसिपल डॉ. अनिल सामरिया ने रेजीडेंट को सस्पेंड कर दिया है।
घटना के बाद रेजिडेंट मौके से फरार हो गया। बाद में परिजन, पुलिस और हॉस्पिटल प्रशासन के बीच वार्ता हुई। इस पर परिजन ने पुलिस में भी मामला दर्ज कराने की बात कही है।

पीडियाटिक आईसीयू, जहां महिला का बच्चा भर्ती था और रेजीडेंट ने अश्लील हरकत की।
परिजन के अनुसार, उनका बच्चा निमोनिया से पीड़ित था, जिसे पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती कराया गया। उसकी मां भी साथ थी। सुबह करीब 9 बजे रेजिडेंट डॉक्टर शुभम ने कहा कि बच्चे को दवा देनी है, आप बाहर जाइए।
जब महिला बाहर आई तो रेजिडेंट भी बाहर आया और उससे अश्लील हरकत कर अभद्रता की। इसकी शिकायत सुबह 9 बजे प्रशासन को दी गई, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ऐसे में नाराज होकर परिजनों ने 2 बजे के करीब वार्ड के बाहर हंगामा खड़ा कर दिया। इसके बाद हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे, डिप्टी सुपरिडेंट डॉ. अमित यादव पहुंचे और परिजन से बात की।
तीन सदस्यीय कमेटी डॉ. संजीव माहेश्वरी, डॉ. कल्पना अग्रवाल, डॉ. बीना ठाड़ा का गठन किया है। हंगामे के बाद पुलिस जाब्ता भी मौके पर पहुंचा। बाद में रेजिडेंट को सस्पेंड करने की अनुशंसा करने पर मामला शांत हुआ।
परिजन ने जताई नाराजगी
अस्पताल अधीक्षक अरविंद खरे के कक्ष में हुई वार्ता के दौरान परिजन ने अस्पताल प्रशासन पर मामले को दबाने और उनको धमकाने का आरोप लगाते विरोध जताया। बाद में पुलिस व प्रशासन ने समझाइश कर मामला शांत कराया।
दोषी माना, सस्पेंशन की अनुशंसा
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने बताया कि कमेटी की जांच रिपोर्ट आना बाकी है लेकिन प्राथमिक जांच में आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर शुभम को दोषी माना है और उसके सस्पेंशन के लिए उच्च अधिकारियों को अनुशंसा कर दी गई है।
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