ऊंट से लोकभवन घेराव करने पहुंचे JMM कार्यकर्ता, SIR के विरोध में किया प्रदर्शन

Published on 30 सित॰ 2026

Ranchi News: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. इसी क्रम में आज झारखंड के सभी प्रखंडों से हजारों की संख्या में JMM कार्यकर्ता रांची पहुंचे और लोक भवन घेराव के लिए मार्च किया. इस घेराव के दौरान कुछ कार्यकर्ता ऊंट पर बैठकर आए और प्रदर्शन कर रहे थे. JMM के आह्वान पर कार्यकर्ता रांची विश्वविद्यालय फुटबॉल ग्राउंड में जुटे, जहां से जुलूस की शक्ल में लोक भवन की ओर रवाना हुए.

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विरोध करते जेएमएम कार्यकर्ता

प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की. JMM और सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया. नेताओं का कहना है कि SIR के नाम पर मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है और बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं.

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13 करोड़ नाम हटाने का आरोप

प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने 13 करोड़ से अधिक लोगों के नाम 'बांग्लादेशी' बताकर मतदाता सूची से काट दिए हैं. नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब बांग्लादेश की कुल आबादी ही करीब 11 करोड़ है, तो 13 करोड़ लोगों को बांग्लादेशी बताकर मतदाता सूची से हटाने का दावा कैसे किया जा सकता है. उन्होंने इसे निराधार बताते हुए SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाया.

JMM और गठबंधन नेताओं ने आरोप लगाया कि संथाल परगना, पूर्वी सिंहभूम और कोयलांचल जैसे इलाकों में बांग्ला भाषी लोगों को बांग्लादेशी बताकर निशाना बनाया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के नहीं हटाया जाए.

चुनाव आयोग के भीतर मतभेद का भी मुद्दा उठाया

प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद का मुद्दा भी उठाया. उनके अनुसार, चुनाव आयोग के तीन सदस्यों में से चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता सूची और डेटा तक पहुंच से जुड़े मुद्दों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज कराई हैं.

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

JMM कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने उन पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बरतनी चाहिए. नेताओं ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.

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