जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले में CID ने पूर्व चेयरमैन एल खियांगते के आवास और कार्यालय पर छापा मारा है। TSR डेटा के दफ्तर से दस्तावेज और OMR शीट जब्त की गई हैं।
जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले में CID ने पूर्व चेयरमैन एल खियांगते के आवास और कार्यालय पर छापा मारा है।
- Published: 24 Jul 2026, 04:19 PM IST
- Last Updated: 24 Jul 2026, 04:19 PM IST
JPSC scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं और अन्य परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं के मामले में सीआईडी (CID) ने अपनी जांच तेज कर दी है। इसी कड़ी में गुरुवार को सीआईडी की टीम ने जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल खियांगते के सरकारी आवास और आयोग स्थित उनके कार्यालय कक्ष पर एक साथ छापेमारी की।
कांके रोड स्थित आवास पर पांच घंटे तक खंगाले गए दस्तावेज
सीआईडी की टीम ने राजधानी रांची के कांके रोड स्थित एल खियांगते के सरकारी आवास पर दबिश दी। यह कार्रवाई करीब पांच घंटे तक चली। इस दौरान जांच टीम ने घर के चप्पे-चप्पे को खंगाला और पूर्व चेयरमैन से लंबी पूछताछ भी की।
बता दें कि एल खियांगते राज्य के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद जेपीएससी के चेयरमैन बनाए गए थे। सीआईडी द्वारा मंगलवार को की गई छापेमारी के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
टीडीपीएल (TDPL) का मैनेजर और करीबी गिरफ्तार
जांच को आगे बढ़ाते हुए सीआईडी ने परीक्षा संचालन एजेंसी TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) पर भी शिकंजा कसा है। एजेंसी के गिरफ्तार मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के करीबी अरविंद मंडल को गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट से गिरफ्तार किया गया है। सीआईडी अब इस मामले में सभी आरोपियों को रिमांड पर लेने की कानूनी तैयारी में जुट गई है।
जेपीएससी और टीडीपीएल कार्यालय से डिजिटल साक्ष्य और OMR शीट जब्त
छापेमारी के दौरान सीआईडी की टीमों ने जेपीएससी कार्यालय और टीडीपीएल के दफ्तर से हालिया तमाम परीक्षाओं से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के सभी कंप्यूटरों से डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं। इसके अलावा, परीक्षाओं से जुड़ी ओएमआर शीट्स (OMR Sheets) और टीडीपीएल दफ्तर से परीक्षा के तमाम सबूत जब्त किए गए हैं।
JPSC 14वीं पीटी रद्द करने की याचिका पर हाईकोर्ट का निर्देश
दूसरी ओर, झारखंड हाईकोर्ट में भी जेपीएससी परीक्षा से जुड़ा कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। हाईकोर्ट ने गुरुवार को जेपीएससी की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा (PT) को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की।
यह सुनवाई जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत में अभ्यर्थी राजेश प्रसाद की याचिका पर हुई। अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार और जेपीएससी को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 23 सितंबर को होगी।
याचिका में लगाए गए गंभीर आरोप और आपत्तियां
प्रार्थी की ओर से हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में जेपीएससी की चयन प्रक्रिया और कार्यप्रणाली को लेकर कई बड़े और गंभीर आरोप उठाए गए हैं। याचिका के मुताबिक, आयोग की ओर से कट ऑफ अंक जारी करने की पूरी प्रक्रिया बेहद संदेहास्पद रही है।
इसके साथ ही, परीक्षा से जुड़ी ओएमआर शीट को सही तरीके से अपलोड करने और परिणामों पर सक्षम अधिकारियों के जरूरी हस्ताक्षर नहीं होने जैसी गंभीर अनियमितताओं का भी खुलकर जिक्र किया गया है।
याचिका में सबसे बड़ा सवाल उत्तर प्रदेश और हरियाणा के 418 अभ्यर्थियों के चयन पर उठाया गया है। इन तमाम गड़बड़ियों और शिकायतों का हवाला देते हुए प्रार्थी ने अदालत से पूरी प्रारंभिक परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आग्रह किया है।
झारखंड को जल्द मिलने वाला है नया संस्थान
इसी बीच, राज्य से जुड़ी एक अन्य खबर के अनुसार, झारखंड को जल्द ही उसका पहला फिल्म एंड टेलीविजन संस्थान मिलने जा रहा है, जिससे जुड़ी तैयारियों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।