जमीनों की खरीद-बिक्री हुई आसान,अब सेल परमिशन की जरूरत नहीं: KDA की बैठक में फैसला, अब नहीं अटकेगी फाइलें; प्रॉपर्टी खरीदारों को राहत - Kota News

Published on 27 जुल॰ 2026

कोटा में जमीनों की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) ने बड़ा फैसला लिया है। अब जमीन की बिक्री के लिए अलग से सेल परमिशन लेने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे लोगों की फाइलें केडीए में लंबित नहीं रहेंगी।

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बैठक में लिए गए इस निर्णय से संपत्ति खरीदने और बेचने वालों को बड़ी राहत मिलने के साथ ही प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज और आसान होने की उम्मीद है।

दरअसल, अब जमीनों और मकानों की खरीद-बिक्री के लिए बार-बार प्राधिकरण के चक्कर काटने और सेल परमिशन के नाम पर दफ्तरों में फाइल अटकने की परेशानी से निजात मिल सकेगी।

सोमवार को संभागीय आयुक्त एवं केडीए अध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित विकास प्राधिकरण की 7वीं बैठक में प्रक्रियाओं के सरलीकरण और आमजन को राहत देने के उद्देश्य से सेल परमिशन व्यवस्था को स्थायी रूप से समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

अब जमीनों और मकानों की खरीद-बिक्री के लिए बार-बार प्राधिकरण के चक्कर काटने और सेल परमिशन के नाम पर दफ्तरों में फाइल अटकने की परेशानी से निजात मिल सकेगी।

अब जमीनों और मकानों की खरीद-बिक्री के लिए बार-बार प्राधिकरण के चक्कर काटने और सेल परमिशन के नाम पर दफ्तरों में फाइल अटकने की परेशानी से निजात मिल सकेगी।

केडीए अध्यक्ष ने लंबे समय से अटके मामलों को निपटाने के दिए निर्देश

अध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल ने लंबे समय से अटके पड़े लीज डीड और विक्रय स्वीकृति के मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के सख्त निर्देश दिए।

साथ ही कोटा में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण की तर्ज पर जल्द से जल्द ई-पट्टा प्रणाली शुरू करने को कहा गया है। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि जिन योजनाओं में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिली हैं, वहां नियमानुसार कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा।

आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्थान संपर्क, सीएमओ, पीएमओ और शहरी सेवा शिविरों से जुड़ी जनसमस्याओं का समय से निस्तारण किया जाए।

आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्थान संपर्क, सीएमओ, पीएमओ और शहरी सेवा शिविरों से जुड़ी जनसमस्याओं का समय से निस्तारण किया जाए।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को हरी झंडी

बैठक में चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट को अनुमोदित किया गया, जिसमें शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और सौंदर्यीकरण पर मुख्य फोकस रहेगा। साथ ही प्रमुख प्रोजेक्ट मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर, सड़क चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण, कुन्हाड़ी क्षेत्र का कायाकल्प, भूमि अधिग्रहण व मुआवजा को भी मंजूरीदी गई है।

आयुक्त ने अधिकारियों को दिए दिशा निर्देश

आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्थान संपर्क, सीएमओ, पीएमओ और शहरी सेवा शिविरों से जुड़ी जनसमस्याओं का समय से निस्तारण किया जाए। इसके अलावा निविदा कार्मिकों के मानदेय निर्धारण का प्रस्ताव जल्द ही नगरीय विकास विभाग को भेजने पर सहमति बनी।