Last Sawan Somwar 2026: कब है सावन का अंतिम सोमवार? जानें जलाभिषेक का मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय

Published on 22 अग॰ 2026

Sawan Somwar 2026: धर्म ग्रंथों में सावन सोमवार का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन की गई शिव पूजा का फल कहीं अधिक मिलता है, ऐसी मान्यता है।

Sawan Somwar Puja Vidhi: भगवान शिव का प्रिय सावन मास कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है। इस महीने का अब एक ही सोमवार शेष है। सावन का अंतिम सोमवार होने से भी इसका विशेष महत्व माना जा रहा है। इस दिन शिवजी के मंदिरों में शिव भक्तों की काफी भीड़ उमड़ेगी। इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करने से आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती है। आगे जानिए कब है सावन 2026 का अंतिम सोमवार, जलाभिषेक का मुहूर्त व उपाय…

कब है सावन 2026 का अंतिम सोमवार?

इस बार सावन में 4 सोमवार का संयोग बना है। इनमें से 3 सोमवार निकल चुके हैं। सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन प्रीति और आयुष्मान नाम के 2 शुभ योग दिन भर रहेगें, वहीं सिंह राशि में बुध और सूर्य के साथ होने से बुधादित्य नाम का राजयोग भी रहेगा। इन शुभ योगों के चलते सावन के अंतिम सोमवार का महत्व और भी बढ़ गया है।

24 अगस्त 2026 जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त

वैसे तो सावन सोमवार को पूरे दिन शिवलिंग का जलाभिषेक किया जा सकता है लेकिन अगर ये काम शुभ मुहूर्त में किया जाए तो और भी अधिक शुभ फल मिलते हैं। 24 अगस्त को जलाभिषेक के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं-

सावन सोमवार की पूजा विधि

- सावन सोमवार की सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
- ऊपर बताए शुभ मुहूर्त में शिवलिंग का साफ जल से अभिषेक करें। दूध से अभिषेक करने के बाद फिर जल चढ़ाएं।
- शिवलिंग के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं और बेलपत्र, धतूरा, आंकड़े के फूल, भांग आदि चीजें अर्पित करें।
- इसके बाद कुछ देर ऊं नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ भी कर सकते हैं।
- भगवान महादेव को अपनी इच्छा अनुसार फल, मिठाई का भोग लगाएं और इच्छा पूर्ति के लिए प्रार्थना भी करें।

ये भी पढ़ें-
Bahula Chaturthi 2026: कब करें बहुला चतुर्थी व्रत? जानें सही डेट, चंद्रोदय का समय और शुभ मुहूर्त

सावन सोमवार के उपाय

1. शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए 108 बार ऊं नमः शिवाय का जाप करें। इससे आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती है।
2. धन लाभ के लिए जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार अन्न या वस्त्र का दान करें।
3. जल्दी विवाह के लिए शिव-पार्वती की एक साथ पूजा करें और माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करें।
4. मानसिक शांति के लिए शिवलिंग पर जल अर्पित करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
5. किसी गौशाला में हरे चारे का दान करें।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।