Published: Friday, August 21, 2026, 18:10 [IST]
अगर आपके घर में रसोई गैस का इस्तेमाल होता है तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। तेल कंपनियों इंडेन, भारत गैस और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP) ने अपने सभी ग्राहकों के लिए e-KYC वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है।
अगर आपने पहले ई-केवाईसी नहीं कराया तो सिलेंडर बुकिंग रोकने के साथ-साथ आपकी सब्सिडी भी अटक सकती है। सरकार ने यह कदम फर्जी गैस कनेक्शनों पर नकेल कसने और कालाबाजारी रोकने के लिए उठाया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि e-KYC कैसे कराएं और वो क्यों जरूरी है।
e-KYC आखिर क्यों जरूरी है?
e-KYC का मकसद एलपीजी कनेक्शन से जुड़े ग्राहक की पहचान का सत्यापन करना है। इससे कंपनी के रिकॉर्ड में ग्राहक की जानकारी अपडेट रहती है। एचपीसीएल के दस्तावेजों के मुताबिक, घरेलू एलपीजी ग्राहकों के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी की सुविधा शुरू की जा चुकी है और चेहरे की पहचान के जरिए भी प्रमाणीकरण किया जा सकता है।
मोबाइल से कैसे करें e-KYC?
- e-KYC की प्रक्रिया कंपनी के हिसाब से थोड़ी अलग हो सकती है। आम तौर पर ग्राहक को अपने एलपीजी खाते से जुड़े मोबाइल नंबर की जरूरत पड़ती है।
- इसके बाद संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप में लॉगिन करके ई-केवाईसी या आधार प्रमाणीकरण वाला विकल्प तलाशना होता है।
- आधार से सत्यापन के लिए सहमति देने के बाद चेहरे की पहचान वाली प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है। एचपीसीएल ने अपने दस्तावेजों में चेहरे की पहचान आधारित ई-केवाईसी सुविधा का जिक्र किया है।
- चेहरे का सत्यापन करते समय रोशनी ठीक रखें। कैमरा साफ रखें। अगर पहली कोशिश में प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो दोबारा प्रयास किया जा सकता है।
कौन-कौन सी चीजें पास में रखें?
ई-केवाईसी शुरू करने से पहले ये चीजें तैयार रखें
- आधार कार्ड या आधार नंबर
- एलपीजी कनेक्शन से जुड़ा मोबाइल नंबर
- एलपीजी ग्राहक नंबर या एलपीजी आईडी
- स्मार्टफोन
- संबंधित गैस कंपनी का आधिकारिक ऐप
- अगर ऐप मांगे तो आधार आधारित चेहरे की पहचान वाला ऐप
सबसे जरूरी बात यह है कि मोबाइल नंबर वही होना चाहिए जो आपके एलपीजी खाते में दर्ज है। किसी अनजान वेबसाइट या संदेश में आधार की जानकारी डालने से बचें।
इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस वालों को क्या करना चाहिए?
अगर आप इंडेन ग्राहक हैं, तो इंडियनऑयल के आधिकारिक डिजिटल माध्यम से अपने कनेक्शन की स्थिति जांचें। भारत गैस ग्राहक बीपीसीएल के आधिकारिक माध्यम का इस्तेमाल करें।
वहीं एचपी गैस ग्राहक एचपीसीएल के आधिकारिक ग्राहक मंच से जानकारी ले सकते हैं। एचपीसीएल की वेबसाइट पर घरेलू एलपीजी कनेक्शन, केवाईसी और रिफिल बुकिंग से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध हैं। अगर मोबाइल से प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही है, तो अपने अधिकृत गैस वितरक से संपर्क करें। वहां मौजूदा सत्यापन सुविधा के बारे में जानकारी ली जा सकती है।
e-KYC नहीं कराया तो क्या सिलेंडर बंद हो जाएगा?
यहां सबसे जरूरी बात समझना जरूरी है। ई-केवाईसी लंबित होने का मतलब यह नहीं है कि हर ग्राहक का कनेक्शन तुरंत या हमेशा के लिए रद्द हो जाएगा। किसी कनेक्शन पर क्या कार्रवाई होगी, यह कंपनी के नियम और ग्राहक के रिकॉर्ड पर निर्भर कर सकता है।
भारत गैस के आधिकारिक दस्तावेजों में भी निष्क्रिय या अवरुद्ध कनेक्शन को तय प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोबारा सक्रिय करने की व्यवस्था का जिक्र है। इसलिए 23 अगस्त की कथित समयसीमा को लेकर घबराने के बजाय पहले अपने एलपीजी खाते की वास्तविक स्थिति जांचें। अगर ई-केवाईसी बाकी है, तो इसे जल्द पूरा करें। यही सबसे सुरक्षित तरीका है।