Maa Chandraghanta ki Aarti: न मंत्र की ज़रूरत, न पूजा की विधि का ज्ञान! इस एक आसान तरीके से पाइए माँ चंद्रघंटा का विशेष आशीर्वाद! | IBC24

Published on 13 अक्टू॰ 2026

Maa Chandraghanta ki Aarti: नवरात्रि के तीसरे दिन 'देवी चंद्रघंटा' की पूजा की जाती है, जो शक्ति का तीसरा रूप है। माता का यह स्वरूप बहुत शांत और कल्याणकारी है, लेकिन साथ ही यह वीरता और साहस का भी प्रतीक है। जहाँ एक ओर उनकी सौम्य छवि भक्तों को असीम शांति से भर देती है, वहीं दूसरी ओर उनका संहारक रूप असुरों व दुष्टों को भयभीत कर देता है।

Devi Chandraghanta: माता का नाम 'चंद्रघंटा' कैसे पड़ा?

माता के इस नाम के पीछे एक विशेष पौराणिक रहस्य है। संस्कृत में 'चंद्र' का अर्थ चंद्रमा और 'घंटा' का अर्थ घंटी होता है। चूँकि माता के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र (आधा चांद) सजा हुआ है, इसलिए उन्हें 'चंद्रघंटा' कहा जाता है।

माँ चंद्रघंटा का दिव्य स्वरुप!

माता चंद्रघंटा का शरीर सोने की तरह चमकता है। वे अत्यंत पराक्रमी हैं और सिंह (या बाघ) पर सवार हैं, जो उनके साहस का प्रतीक है। देवी की दस भुजाएँ (10 हाथ) हैं। दुष्टों का नाश करने के लिए उनके हाथों में तलवार, त्रिशूल, गदा, खड्ग, ढाल और धनुष-बाण जैसे हथियार हैं। इसके साथ ही, भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए उनके अन्य हाथों में कमल का फूल, जप की माला और कमंडल भी धारण किया हुआ है। वैसे तो माँ हमेशा युद्ध के लिए तैयार मुद्रा में दिखती हैं, लेकिन भक्तों के लिए उनके चेहरे पर हमेशा एक शांत और प्यारी सी मुस्कान रहती है।

माँ चंद्रघंटा के सिद्ध मंत्र (Mantra in Hindi अर्थ सहित)

पूजा के दौरान शांत मन से इन मन्त्रों का जाप करने से देवी अत्यंत प्रसन्न होती हैं:

रोज़ाना जाप के लिए :

ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥

सुख-समृद्धि के लिए:

या देवी सर्वभूतेषु माँ चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

माँ चंद्रघंटा की आरती!

भगवान केवल भाव के भूखे होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, भगवान की भक्ति में सबसे ज़रूरी चीज़ भक्त की सच्ची श्रद्धा है। यदि कोई व्यक्ति पूजा के मंत्र या उसकी सही विधि नहीं जानता, लेकिन वह पूरी श्रद्धा के साथ भगवान की आरती में शामिल होता है, तो उसे पूरी पूजा का उतना ही पुण्य फल प्राप्त होता है। आइए साथ मिलकर सुनें यह दिव्य आरती:

Disclaimer:- उपरोक्त लेख में उल्लेखित सभी जानकारियाँ प्रचलित मान्यताओं और धर्म ग्रंथों पर आधारित है। IBC24.in लेख में उल्लेखित किसी भी जानकारी की प्रामाणिकता का दावा नहीं करता है। हमारा उद्देश्य केवल सूचना पँहुचाना है।

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