Mahalaxmi Vrat 2026: आज महालक्ष्मी व्रत का छठा दिन, देवी लक्ष्मी के 16 स्वरूप कौन-कौन से हैं? पढ़ें 'महालक्ष्मी अष्टकम'

Published on 24 सित॰ 2026

Mahalaxmi Vrat 2026: हर साल भाद्रपद मास में महालक्ष्मी व्रत रखे जाते हैं. ये 16 दिनों का अनुष्ठान होता है, जिसे पुरुष या स्त्री कोई भी कर सकते हैं. इन व्रतों का प्रारंभ हो चुका है. आज यानी 24 सितंबर 2026 को महालक्ष्मी व्रत का छठा दिन है. महालक्ष्मी व्रत के दौरान अन्न का सेवन नहीं किया जाता है. इन उपवासों में 16 अंक का खास महत्व होता है. कहा जाता है कि व्रत भी 16 दिनों के हैं और देवी लक्ष्मी के 16 अलग-अलग स्वरूपों का पूजन होता है. उन्हें 16 पूजन सामग्रियां अर्पित की जाती है. आज के दिन महालक्ष्मी माता की पूजा करते समय आपको महालक्ष्मी अष्टकम का पाठ करना चाहिए.

16 दिन होती हैं मा लक्ष्मी की पूजा

भाद्रपद मास के महालक्ष्मी व्रत 16 दिनों के है. इसमें सोलह दिन उपवास रखा जाता है. इस दौरान भक्त मां लक्ष्मी की नियमित रूप से पूजा-पाठ करते हैं. व्रत के नियमों का पालन 16 दिनों तक किया जाता है. हालांकि, किसी कारण जैसे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भक्त सिर्फ अंतिम दिन का व्रत करते हैं जबकि 16 दिनों तक नित्य माता लक्ष्मी का पूजन करते रहते हैं. इस दौरान घर में शुद्धता और सात्विक्ता का ख्याल रखना होता है.

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महालक्ष्मी अष्टकम लिरिक्स (Mahalaxmi Ashtakam Lyrics in Hindi)

नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते।
शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥

नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि।
सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥

सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयङ्करि।
सर्वदुःखहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥

सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्तिप्रदायिनि।
मन्त्रमूर्ते सदा देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥

आद्यन्तरहिते देवि आद्यशक्तिमहेश्वरि।
योगजे योगसम्भूते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥

स्थूलसूक्ष्ममहारौद्रे महाशक्तिमहोदरे।
महापापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥

पद्मासनस्थिते देवि परब्रह्मस्वरूपिणि।
परमेशि जगन्मातर्महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥

श्वेताम्बरधरे देवि नानालङ्कारभूषिते।
जगत्स्थिते जगन्मातर्महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥

महालक्ष्म्यष्टकं स्तोत्रं यः पठेद्भक्तिमान्नरः।
सर्वसिद्धिमवाप्नोति राज्यं प्राप्नोति सर्वदा॥

एककाले पठेन्नित्यं महापापविनाशनम्।
द्विकालं यः पठेन्नित्यं धनधान्यसमन्वितः॥

त्रिकालं यः पठेन्नित्यं महाशत्रुविनाशनम्।
महालक्ष्मीर्भवेन्नित्यं प्रसन्ना वरदा शुभा॥

इति इन्द्रकृतं महालक्ष्म्यष्टकं सम्पूर्णम्

लक्ष्मी माता के शक्तिशाली मंत्र

1.लक्ष्मी बीज मंत्र

ऊं ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नम:

2.महालक्ष्मी मंत्र

ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद
ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नमः॥

3.लक्ष्मी गायत्री मंत्र

ऊं श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि,
तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ऊं॥

माता लक्ष्मी के 16 स्वरूप व उनके नाम

1.यश लक्ष्मी- कीर्ति और यश प्रदान करने वाली देवी लक्ष्मी

2.विद्या लक्ष्मी- ज्ञान, बुद्धि और कला की लक्ष्मी

3.धैर्य लक्ष्मी- संयम और साहस देने वाली देवी

4.धन लक्ष्मी- धन, संपदा और पैसे की देवी

5.संतान लक्ष्मी- संतान सुख और वंश वृद्धि देने वाली लक्ष्मी

6.धान्य लक्ष्मी- अन्न और अनाज की प्रचुरता देने वाली देवी

7.गज लक्ष्मी- राजसी सुख, बल और हाथियों द्वारा पूजित स्वरूप वाली लक्ष्मी

8.वीर लक्ष्मी- पराक्रम, शक्ति और साहस की देवी माता

9.साम्राज्य लक्ष्मी- अखट ऐश्वर्य और उच्च पद प्रदान करने वाली देवी लक्ष्मी

10.मोक्ष लक्ष्मी- मुक्ति और आध्यात्मिक उन्नति देने वाली देवी लक्ष्मी

11.सौम्य लक्ष्मी- शांत और कल्याणकारी स्वरूप वाली देवी मां

12.सिद्ध लक्ष्मी- सिद्धि और सफलता देने वाली माता लक्ष्मी

13.श्री लक्ष्मी- समग्र समृद्धि और श्री का प्रतीक मानी जाने वाली देवी

14.सौभाग्य लक्ष्मी- अखंड सौभाग्य और मंगलकारी आशीर्वाद देने वाली मां लक्ष्मी

15.प्रसन्न लक्ष्मी- कृपालु और हमेशा प्रसन्न रहने वाला स्वरूप 

16.जय लक्ष्मी- हर कार्य और संग्राम में विजय दिलाने वाली लक्ष्मी मां

महालक्ष्मी व्रत में क्यों चढ़ाई जाती है 16 सामग्रियां?

महालक्ष्मी व्रत के दौरान 16 संख्या का विशेष ध्यान रखा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता लक्ष्मी को 16 प्रकार की पूजन सामग्रियां अर्पित करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है. इस दौरान भक्त माता लक्ष्मी को फूल, फल, मिठाई, धूप-दीप और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं. कई स्थानों पर 16 दीपक जलाने और 16 बार माता लक्ष्मी के मंत्र का जाप करने की भी परंपरा बताई जाती है. 

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)