पेपर लीक की वजह से एक्ट्रेस को दो बार देना पड़ा था NEET, बोली- मुझे अनिश्चितता याद है

Published on 24 जुल॰ 2026

Jul 24, 2026 06:49 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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NEET Paper Leak: देशभर में नीट पेपर लीक पर मचे बवाल पर अब एक एक्ट्रेस ने बताया कि साल 2015 में उन्हें भी पेपर लीक की वजह से दो बार नीट का एग्जाम देना पड़ा था। 

Manushi Chhillar

मिस वर्ल्ड रह चुकी है ये एक्ट्रेस

मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर ने अब पेपर लीक की वजह से हो रहे प्रोटेस्ट को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि साल 2015 में पेपर लीक की वजह से ही उन्हें दो बार नीट का एग्जाम देना पड़ा था। उस वक्त को याद करते हुए एक्ट्रेस ने कहा कि उन्हें सिर्फ अनिश्चितता याद आती है।

पेपर लीक की वजह से क्या झेलते हैं स्टूडेंट्स?

एचटी सिटी से खास बातचीत में एक्ट्रेस और मिस वर्ल्ड रह चुकीं मानुषी छिल्लर ने बताया कि कैसे पेपर लीक की वजह से बच्चों को एंग्जाइटी के दौर से गुजरना पड़ता है। उन्होंने कहा- किसी और चीज से ज्यादा मुझे अनिश्चितता याद है। आप सालों तक ये मानकर मेहनत करते हैं कि एग्जाम फिनिश लाइन है, और फिर अचानक आपको बताया जाता है कि ऐसा नहीं है। ये सिर्फ एक पेपर लिखना नहीं है। ये महीनों की बेचैनी को फिर से जीने, प्लान्स को टालने और एक बार फिर खुद को मानसिक रूप से तैयार करने के बारे में है।

एक्ट्रेस को दो बार देने पड़ा था नीट एग्जाम

एक्ट्रेस ने कहा कि जब कोई बच्चा कॉम्पटेटिव एग्जाम देने के बारे में सोचता है तो ये उसके और उसके परिवार के लिए बड़ा बलिदान होता है क्योंकि उनकी एनर्जी उसमें लग जाती है। उन्होंने कहा- मैंने अपने बोर्ड्स के बाद अप्रैल में JEE (ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम) मेन्स का एग्जाम दिया था, नीट जिसे पहले AIPMT (ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट) कहा जाता है वो मई में था। तो मैंने तय कर लिया कि मैं JEE एडवांस नहीं दूंगी क्योंकि मुझे हमेशा से ही मेडिसिन में ही जाना था। मेरी बहन को क्लैट क्लियर देखने के बाद मैं तैयार थी। हमारे पास इन फील्ड्स में चुनाव करने का मौका था, लेकिन बहुत सारे बच्चों के पास नहीं होता है। NEET बहुत सारे लोगों के लिए अपने जीवन को बेहतर बनाने का प्लेटफॉर्म है और आपको न केवल अपने लिए जिम्मेदारी महसूस होती है बल्कि आपके आसपास के लोगों के लिए भी जिम्मेदारी महसूस होती है। कई बच्चे इसके अंत तक थक चुके होते हैं।

उन्होंने आगे बताया कि 45 दिन बाद उन्हें फिर से एग्जाम देना पड़ा और उनके अच्छे नंबर मिले। उन्होंने कहा कि दूसरा मौका बहुत सारे इमोशनल, फाइनेंशियल और साइकोलॉजिक्ल तनाव के साथ आता है जिसके बारे में बात करनी चाहिए। हमें रिफॉर्म की जरूरत है और हमें सोचना होगा कि समाज के लिए शिक्षा का क्या महत्व है।

हर जनरेशन की जिम्मेदारी की आवाज उठाएं

मानुषी ने कहा कि हर जनरेशन की जिम्मेदारी है कि वो एक बेहतर सिस्टम के लिए आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि अब इस बारे में बात हो रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक सिर्फ एक प्रशासनिक गलती नहीं है, इससे कई घंटों की कड़ी मेहनत पर असर पड़ता है।