NSE IPO: देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपना आईपीओ लेकर आ रहा है. आम निवेशकों के लिए ये आईपीओ आज यानी 17 सितंबर से खुलने वाला है, लेकिन उससे पहले ही बड़े निवेशकों ने इसमें अपना खजाना खोल दिया है. एंकर बुक के जरिए NSE ने 16 सितंबर को ही 6,746.2 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम जुटा ली है. इसमें न सिर्फ भारत के बल्कि दुनिया भर के कई बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया है. अगर आप भी इस आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो आपके पास 21 सितंबर तक का मौका रहेगा. कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है.
LIC का सबसे बड़ा दांव
एंकर निवेशकों की लिस्ट पर नजर डालें तो भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है. LIC के पास पहले से ही NSE में 10.72 फीसदी की हिस्सेदारी है. अब एंकर बुक में भी LIC ने 465.3 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर सबसे बड़े खरीदार का तमगा हासिल कर लिया है.
सिर्फ LIC ही नहीं, बल्कि बीमा सेक्टर की कई बड़ी कंपनियों ने इसमें निवेश किया है. एसबीआई पेंशन फंड, एचडीएफसी लाइफ, एक्सिस मैक्स लाइफ, यूटीआई पेंशन फंड से लेकर कोटक महिंद्रा लाइफ तक ने इसमें पैसा लगाया है. इन सभी इंश्योरेंस कंपनियों का कुल निवेश करीब 1,081.8 करोड़ रुपये है, जो पूरी एंकर बुक का 16 फीसदी हिस्सा बैठता है. वहीं, घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने भी पीछे न रहते हुए 98 अलग-अलग स्कीम के जरिए कुल एंकर बुक का 36.98 फीसदी हिस्सा अपने नाम कर लिया है.
विदेशी निवेशकों की भारी दिलचस्पी
भारतीय बाजार के इस आईपीओ में विदेशी निवेशकों ने भी दिल खोलकर पैसा लगाया है. एंकर बुक में गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल ने 250 करोड़ रुपये का निवेश किया है. वहीं, मॉनेटरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर ने 200 करोड़ रुपये लगाए हैं. इसके अलावा आबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने भी 200 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं.
फिडेलिटी, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली, बीएनपी पारिबा जैसे कई बड़े ग्लोबल नाम भी इस एंकर बुक का हिस्सा बन गए हैं. इससे साफ पता चलता है कि विदेशी निवेशकों को NSE की भविष्य की ग्रोथ पर कितना भरोसा है.
कर्मचारियों के लिए खास ऑफर
ये पूरा आईपीओ ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत लाया जा रहा है. इसका सीधा मतलब ये है कि इस आईपीओ से मिलने वाला पैसा NSE कंपनी के पास नहीं जाएगा. इश्यू का खर्च निकालने के बाद सारी रकम उन मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी जो अपने शेयर बेच रहे हैं. इस आईपीओ में कुल 12.64 करोड़ शेयर बेचे जा रहे हैं.
कंपनी ने अपने कर्मचारियों का भी खास ख्याल रखा है. कर्मचारियों के लिए 70 करोड़ रुपये के शेयर रिजर्व रखे गए हैं. सबसे अच्छी बात ये है कि कर्मचारियों को फाइनल इश्यू प्राइस पर 170 रुपये प्रति शेयर की भारी छूट मिलेगी.
बाजार में एकतरफा राज
अगर हम NSE के दबदबे की बात करें, तो टर्नओवर के मामले में ये भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है. आंकड़े इसके बिजनेस की गवाही खुद देते हैं. जून 2026 को खत्म हुई तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, कैश मार्केट में NSE की हिस्सेदारी 93.05 फीसदी रही है.
वहीं, इक्विटी फ्यूचर्स में इसका कब्जा 99.72 फीसदी है. इक्विटी ऑप्शंस में 68.48 फीसदी के साथ-साथ एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स में तो इसकी हिस्सेदारी पूरी 100 फीसदी है. जिन निवेशकों ने इस आईपीओ में दांव लगाया है, उन्हें 22 सितंबर को शेयर अलॉट होने की उम्मीद है. इसके बाद 24 सितंबर को इन शेयरों की लिस्टिंग BSE पर हो सकती है.

विभव शुक्ला
विभव शुक्ला वर्तमान में TV9 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता में उन्हें छह वर्षों का अनुभव है. विभव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी. इसके बाद वह Inshorts और गुजरात फर्स्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े रहे हैं.
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