By Oneindia Staff
Published: Tuesday, October 13, 2026, 19:21 [IST]
सरकारी विज्ञापन किस विभाग ने मांगा, उसे मंजूरी कब मिली, किस मीडिया संस्थान में प्रकाशित हुआ और उसका बिल किस स्थिति में है, इन सबका रिकॉर्ड अब एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रखने की पहल की गई है। ओडिशा सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (I&PR) ने e-Sanchar नाम से नया ई-विज्ञापन एप्लिकेशन शुरू किया है। इसका मकसद सरकारी विज्ञापनों से जुड़ी अलग-अलग प्रक्रियाओं को ऑनलाइन लाना और पूरे सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी बनाना है।
अब तक विज्ञापन की मांग, मंजूरी, जारी करने, प्रकाशन और बिल से जुड़े काम अलग-अलग प्रक्रियाओं में हो सकते थे। e-Sanchar इन सभी चरणों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। इससे सरकारी विभागों, विज्ञापन एजेंसियों और मीडिया संस्थानों के बीच तालमेल बेहतर करने की उम्मीद है।
क्या है e-Sanchar और कैसे करेगा काम?
e-Sanchar ओडिशा सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का डिजिटल विज्ञापन मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए विज्ञापन की मांग दर्ज करने से लेकर उसकी मंजूरी, रिलीज ऑर्डर, प्रकाशन, बिल जमा करने और भुगतान की निगरानी तक का काम एक सिस्टम में किया जा सकेगा।
रजिस्टर्ड यूजर्स सुरक्षित लॉगिन के जरिए अपने डैशबोर्ड तक पहुंच सकेंगे। यहां विज्ञापन से जुड़ी रिक्वेस्ट, जारी किए गए विज्ञापन और बिल की मौजूदा स्थिति देखी जा सकेगी। डैशबोर्ड पर मीडिया के हिसाब से गतिविधियों और प्रदर्शन से जुड़ा डेटा भी उपलब्ध होगा। इससे विभागों को अपने विज्ञापन अभियानों की स्थिति एक जगह समझने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन की मांग से प्रकाशन तक ऑनलाइन प्रक्रिया
प्लेटफॉर्म में New Request नाम का मॉड्यूल दिया गया है। इसके जरिए सरकारी विभाग अपनी विज्ञापन जरूरत दर्ज कर सकेंगे। वे यह भी चुन सकेंगे कि विज्ञापन किस माध्यम से जारी करना है और प्रकाशन से जुड़ी क्या जानकारी देनी है।
e-Sanchar में चार तरह के मीडिया वर्कफ्लो शामिल हैं प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, होर्डिंग और डिजिटल मीडिया। यानी अखबारों, इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों, आउटडोर विज्ञापनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े काम के लिए अलग-अलग प्रक्रिया उपलब्ध होगी।
हर रिक्वेस्ट और बिल की स्थिति पर रहेगी नजर
e-Sanchar की एक खास सुविधा विज्ञापन की रिक्वेस्ट को उसके संबंधित वर्कफ्लो में ट्रैक करना है। इससे विभाग यह देख सकेंगे कि आवेदन किस चरण में है और आगे की कार्रवाई कहां लंबित है। विभाग का कहना है कि इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, काम तेजी से आगे बढ़ेगा और अलग-अलग पक्षों के बीच समन्वय बेहतर होगा।
यह प्लेटफॉर्म बैक-एंड के कई काम भी डिजिटल तरीके से संभालेगा। इनमें रिलीज ऑर्डर मैनेजमेंट, बिल जमा करना, बिल का सत्यापन, भुगतान की स्थिति देखना और पूरी प्रक्रिया की निगरानी शामिल है। इन कामों के ऑनलाइन होने से कागजी कार्रवाई और मैनुअल काम घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकारी विभागों और मीडिया को क्या फायदा होगा?
e-Sanchar का मकसद विज्ञापन प्रबंधन को अलग-अलग जगहों पर चलने वाली प्रक्रिया से निकालकर एक साझा डिजिटल सिस्टम में लाना है। सरकारी विभाग विज्ञापन की मांग और बिल की स्थिति देख सकेंगे, जबकि संबंधित मीडिया संस्थानों और अन्य पक्षों के साथ कामकाज में बेहतर तालमेल बनाया जा सकेगा।
हालांकि, प्लेटफॉर्म से वास्तविक फायदा कितना होगा, यह इसके इस्तेमाल, डेटा अपडेट होने की नियमितता और भुगतान प्रक्रिया में आने वाले सुधार पर निर्भर करेगा। फिलहाल ओडिशा सरकार की यह पहल डिजिटल गवर्नेंस को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। इसके जरिए विज्ञापन से जुड़ी मांग, मंजूरी, प्रकाशन और भुगतान की निगरानी को ज्यादा व्यवस्थित और आसान बनाने की कोशिश की गई है।