By Oneindia Staff
Published: Tuesday, October 13, 2026, 19:34 [IST]
ओडिशा में खेती और जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में पिछले दो साल में राज्य ने 3,28,370 हेक्टेयर अतिरिक्त सुनिश्चित सिंचाई क्षमता तैयार करने का दावा किया है। इस दौरान जल संसाधन क्षेत्र में ₹27,379 करोड़ से ज्यादा का निवेश हुआ।
सरकार का जोर सिर्फ खेतों तक पानी पहुंचाने पर नहीं, बल्कि जल भंडारण, बाढ़ प्रबंधन और लंबे समय तक पानी की उपलब्धता बनाए रखने पर भी है।
दो साल में 115 जल परियोजनाओं का उद्घाटन
राज्य में पिछले दो साल के दौरान 115 जल ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। इनमें मध्यम सिंचाई परियोजनाएं, इन-स्ट्रीम स्टोरेज स्ट्रक्चर, मेगालिफ्ट प्रोजेक्ट, चेक डैम और अंडरग्राउंड पाइपलाइन सिस्टम शामिल हैं। इसके अलावा 22 बड़ी जल संसाधन परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है।
इनसे करीब 63,042 किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है। संबलपुर जिले में बन रहा डेगांव इन-स्ट्रीम स्टोरेज स्ट्रक्चर करीब 5,480 हेक्टेयर-मीटर पानी जमा कर सकेगा। इससे 118 गांवों और लगभग एक लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है।
चेक डैम और लिफ्ट इरिगेशन से खेतों तक पानी
ओडिशा में 746 नए चेक डैम बनाए गए हैं, जबकि 1,299 पुराने चेक डैम में सुधार किया गया है। लिफ्ट इरिगेशन के तहत 3,326 कम्युनिटी लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट, 17,279 डीप बोरवेल और सौर ऊर्जा से चलने वाले 10,706 डीप बोरवेल पर काम किया गया।
इन व्यवस्थाओं से कुल 2,11,588 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता बनने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा बंद पड़े 1,512 कम्युनिटी लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट दोबारा चालू किए गए। पहले से चल रही योजनाओं को भी मजबूत किया गया है।
खरीफ और रबी में कितने खेतों तक पहुंचा पानी?
सिंचाई का असर खेती के आंकड़ों में भी दिखाई देता है। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खरीफ सीजन 2024 और 2025 को मिलाकर 67.54 लाख हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई हुई। वहीं, रबी सीजन 2024 और 2025 में कुल 25.32 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित दर्ज किया गया।
ये आंकड़े खेती के लिए पानी की पहुंच को समझने में मदद करते हैं। हालांकि, सिंचाई क्षमता तैयार होना और हर खेत तक नियमित पानी पहुंचना अलग बातें हैं। इसका वास्तविक फायदा पानी की उपलब्धता, वितरण और परियोजनाओं के रखरखाव पर भी निर्भर करेगा।
₹27,379 करोड़ का निवेश, अब अगला फोकस क्या?
जल संसाधन क्षेत्र में दो साल के दौरान ₹27,379 करोड़ से ज्यादा लगाए गए हैं। आगे राज्य के भीतर नदियों को जोड़ने, बाढ़ प्रबंधन की व्यापक योजना बनाने और हीराकुंड नहर प्रणाली के नवीनीकरण पर काम करने की तैयारी है। इन योजनाओं का मकसद पानी का बेहतर इस्तेमाल करना और बाढ़ व जल संकट से निपटने की क्षमता बढ़ाना है।
जल प्रबंधन में ओडिशा को मिले राष्ट्रीय पुरस्कार
ओडिशा के जल संसाधन विभाग को इंडिया इंटरनेशनल वाटर वीक 2026 के नौवें संस्करण में राज्य श्रेणी का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार मिला। राज्य ने पांचवें नेशनल वाटर अवॉर्ड्स 2024 की सर्वश्रेष्ठ राज्य श्रेणी में भी पहला स्थान हासिल किया। इसके अलावा 2025 के जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार में राज्य के पांच जिलों को सम्मान मिला और विभाग को 2026 में पांच विश्वकर्मा पुरस्कार मिले।
राज्य की जल नीति अब सिंचाई के साथ जल संरक्षण और बाढ़ से निपटने की तैयारी पर भी केंद्रित है। इन योजनाओं की असली सफलता इस बात से तय होगी कि किसानों और गांवों को पूरे साल कितना भरोसेमंद पानी मिल पाता है।