OTP शेयर करते ही खाते से 3.14 लाख गायब: दरभंगा में जनरल स्टोर संचालक से साइबर ठगी, अपराधियों ने मैसेज भेजकर झांसे में लिया - Darbhanga News

Published on 10 सित॰ 2026

दरभंगा के नगर थाना क्षेत्र के मनहरनलाल मोहल्ला निवासी जनरल स्टोर संचालक सोनू कुमार साइबर ठगी के शिकार हो गए। साइबर अपराधियों ने झांसे में लेकर उनसे ओटीपी साझा करवाया और इसके कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से 3 लाख 14 हजार 646 रुपये ट्रांसफर कर लिए।

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घटना के बाद सोनू कुमार ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही साइबर थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है।

ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी

ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी

मोबाइल पर आया मैसेज, फिर पहुंचा ओटीपी

पीड़ित सोनू कुमार ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 3 सितंबर 2026 को उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया था। इसके कुछ देर बाद मोबाइल पर एक ओटीपी आया। इसी दौरान एक साइबर अपराधी ने उनसे संपर्क किया और ओटीपी के बारे में जानकारी मांगी। साइबर अपराधी ने अपनी बातों में फंसाकर उनसे ओटीपी साझा करने को कहा।

सोनू कुमार ने साइबर अपराधी की बातों पर भरोसा कर ओटीपी साझा कर दिया। ओटीपी शेयर करने के कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से 3,14,646 रुपये ट्रांसफर हो गए। खाते से बड़ी रकम निकलने का मैसेज मिलने के बाद उन्हें साइबर ठगी का पता चला।

1930 पर कॉल कर दर्ज कराई शिकायत

घटना का पता चलते ही सोनू कुमार ने तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर इसकी जानकारी दी। इसके बाद साइबर थाना पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने खाते से निकाली गई राशि की बरामदगी और साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जिस खाते में गई रकम, उसकी जुटाई जा रही जानकारी

अपर थानाध्यक्ष नवीन कुमार ने बताया कि पीड़ित के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। खाते से जिस बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की गई है, उसकी जानकारी जुटाई जा रही है। तकनीकी जांच के आधार पर साइबर फ्रॉड करने वाले आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते, एटीएम, यूपीआई या ओटीपी से जुड़ी जानकारी साझा न करें। बैंक या किसी सरकारी संस्था के नाम पर फोन करने वाले व्यक्ति से भी सतर्क रहें। साइबर ठगी होने पर बिना देर किए 1930 पर शिकायत करें, ताकि ठगी की रकम को फ्रीज कराने की कार्रवाई जल्द शुरू की जा सके।