खगड़िया नगर परिषद के 22 वार्डों में काम करने वाले सफाई कर्मियों ने विभिन्न मांगों को लेकर काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। राष्ट्रीय सफाई कर्मी एकता मंच के बैनर तले चल रहे आंदोलन में कर्मियों ने मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने की च
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ठेका-आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर उठाए सवाल
सफाई कर्मियों का आरोप है कि ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था लागू होने के बाद से उनका आर्थिक और मानसिक शोषण बढ़ा है। उनका कहना है कि हर मौसम में गटर, नाली और कचरे की सफाई करने के बावजूद उन्हें उचित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

पीएफ खाते नहीं खुलने का लगाया आरोप
समाजसेवी संजीव डोम ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से संवेदक के माध्यम से सफाई कार्य कराया जा रहा है, लेकिन अब तक किसी भी सफाई कर्मी का पीएफ खाता नहीं खुलवाया गया है। उन्होंने पीएफ के नाम पर करीब दो से ढाई करोड़ रुपये की अनियमितता की आशंका जताते हुए जांच की मांग की।
165 कर्मियों को नहीं मिल रही न्यूनतम मजदूरी
मंच के अनुसार नगर परिषद के 22 वार्डों में महिला और पुरुष मिलाकर करीब 165 सफाई कर्मी कार्यरत हैं। आरोप है कि महिला कर्मियों को वर्तमान में 6,700 और पुरुष कर्मियों को 7,700 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। कर्मियों की मांग है कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के अनुसार भुगतान किया जाए।
सुरक्षा उपकरण और ईएसआई की सुविधा की मांग
सफाई कर्मियों ने पहचान पत्र, सुरक्षा किट, जरूरी उपकरण और ईएसआई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि काम के दौरान दुर्घटना या किसी अनहोनी की स्थिति में भी उन्हें पर्याप्त सुरक्षा और सहायता की गारंटी नहीं मिलती।
कलेक्ट्रेट से राजेंद्र चौक तक आज कैंडल मार्च
आंदोलन के तहत 3 सितंबर की शाम 6:30 बजे कलेक्ट्रेट परिसर से राजेंद्र चौक तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा। मंच ने कहा है कि मार्च शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाएगा। इसके जरिए प्रशासन का ध्यान सफाई कर्मियों की मांगों की ओर आकर्षित किया जाएगा।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
सफाई कर्मियों ने बताया कि जिलाधिकारी, एसडीओ और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को आवेदन दिया गया है। मंच ने संवेदक और नगर परिषद से जुड़ी कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने और सफाई कर्मियों के अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की है। कर्मियों ने काम से हटाने की कथित धमकियों का भी आरोप लगाया है और कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा।