भोपाल में ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण पर राष्ट्रीय सम्मेलन:चेयरमैन सिंघल बोले- जलवायु परिवर्तन एक गंभीर वैश्विक संकट, ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना होगा
भोपाल9 घंटे पहले
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भोपाल में हरित ऊर्जा एवं पर्यावरण पर 40वें राष्ट्रीय अधिवेशन एवं सम्मेलन का आयोजन किया गया। द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडिया (IEI) के मध्य प्रदेश स्टेट सेंटर की ओर से 1 और 2 अगस्त को आयोजित सम्मेलन का मुख्य विषय 'फॉस्टरिंग ग्रीन एनर्जी एंड इनवायरलमेंटल सस्टेनेबिलिटी फा इंडिया: विकसित भारत 2047” रहा।
सत्र को संबोधित करते हुए चेयरमैन जेसी सिंघल ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के साथ ‘क्लाइमेट 2070’ का लक्ष्य पूरा करने के लिए जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए इंजीनियरों को भी जागरूक करने की जरूरत है। जलवायु परिवर्तन एक गंभीर वैश्विक संकट है। विकास के साथ पर्यावरण को लंबे समय तक सुरक्षित बनाए रखने के लिए ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना होगा।
सिंघल ने कहा कि सम्मेलन में देशभर से शामिल हुए इंजीनियर विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन की जरूरत को समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यहां होने वाला विचार-विमर्श पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगा।
उन्होंने बताया कि इस विषय को व्यापक स्तर पर ले जाने के लिए आगे एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की भी तैयारी की जा रही है।

सम्मेलन में शामिल हुए अतिथियों का शॉल-श्रीफल से स्वागत किया गया।
इंजीनियरों को योजना बनानी होंगी
आईईआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष कोठारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए इंजीनियरों को ऐसी योजनाएं बनानी होंगी, जिसमें विकास के साथ पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।
सड़क, पुल और ब्रिज जैसी परियोजनाओं के सर्वे में जियो स्पेशियल तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए, जिससे पर्यावरण के नुकसान को कम किया जा सकेगा।

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ करते अतिथि।
कार्यपालिक निदेशक बोले- मील का पत्थर साबित होगा
भेल भोपाल के कार्यपालिक निदेशक प्रदीप उपाध्याय ने कहा कि भोपाल में हुआ यह आयोजन ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
वहीं, इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के एमपी स्टेट सेंटर के अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका न केवल महत्वपूर्ण, बल्कि निर्णायक है।

सम्मेलन में वैज्ञानिक, शोधकर्ता, पर्यावरण विशेषज्ञ और इंजीनियर शामिल हुए।
युवा इंजीनियरों को पुरस्कार
सम्मेलन में देशभर से चुने हुए प्रख्यात वैज्ञानिक, शोधकर्ता, पर्यावरण विशेषज्ञ और इंजीनियर शामिल हुए। इसमें हरित ऊर्जा, पर्यावरणीय स्थिरता और पर्यावरण में त्वरित सुधार जैसे विषयों पर मंथन किया गया।
इस दौरान IEI के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजी. मनीष कोठारी, BHEL भोपाल के कार्यपालक निदेशक इंजी. प्रदीप उपाध्याय और एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग डिवीजन बोर्ड के राष्ट्रीय चेयरमैन इंजी. जेसी सिंघल सहित देशभर से IEI के एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग बोर्ड के काउंसिल सदस्य ने अपने विचार रखे।
अधिवेशन में देश के युवा इंजीनियरों को IEI Young Professional Award, State-of-the-Art Award और Eminent Engineer Awards प्रदान किए गए। अधिवेशन में युवा वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तुत शोधपत्रों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही पर्यावरण में त्वरित सुधार के उपायों और हरित ऊर्जा से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ मंथन किया गया।
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