मुरैना में सरकारी जमीन के विवाद में खूनी संघर्ष, ताबड़तोड़ फायरिंग में दो सगे भाइयों की मौत, दो गंभीर| Navbharat Live

Published on 3 अग॰ 2026

मुरैना में सरकारी जमीन के विवाद में खूनी संघर्ष, ताबड़तोड़ फायरिंग में दो सगे भाइयों की मौत, दो गंभीर

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सार

Morena Crime News : मुरैना के सुमावली थाना क्षेत्र के हटूपुरा गांव में सरकारी जमीन के विवाद में ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। घटना में दो सगे भाइयों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।

Morena Firing Over Government Land

फायरिंग में दो भाइयों की मौत (फोटो सोर्स- नवभारत)

विस्तार

Morena Firing Over Government Land: मुरैना जिले के सुमावली थाना क्षेत्र के हटूपुरा गांव में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से चल रहा पारिवारिक विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। चचेरे भाइयों के दो पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। इस घटना में दो सगे भाइयों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया गया है।

पुलिस के अनुसार, घुरैया बसई ग्राम पंचायत के हटूपुरा गांव के पास करीब पांच बिस्वा सरकारी बीहड़ भूमि को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। एक पक्ष के नाथूराम और छोटेलाल पहले से जमीन के एक हिस्से पर मकान बनाए हुए थे, जबकि दूसरे पक्ष के रामजीलाल के बेटे उसी भूमि के दूसरे हिस्से पर निर्माण करना चाहते थे।

देखते ही देखते होने लगी फायरिंग

रविवार सुबह दोनों पक्ष जमीन पर कब्जे को लेकर आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी और गाली-गलौज हुई, जिसके बाद लाठी-डंडे चले। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया और दोनों ओर से गोलियां चलने लगीं। आरोप है कि नाथूराम-छोटेलाल पक्ष ने दूसरे पक्ष पर सीधे फायरिंग कर दी।

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ज्यादा खून बहने से दो भाइयों की मौत

इस गोलीबारी में 42 वर्षीय राजवीर गुर्जर और उनके छोटे भाई अजब सिंह उर्फ बंटो गुर्जर गंभीर रूप से घायल हो गए। ज्यादा खून बह जाने के कारण जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। वहीं अजब सिंह के 22 वर्षीय बेटे विकास उर्फ विक्की और बड़े भाई धीरेंद्र उर्फ पप्पू को भी गोली लगी। दोनों की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया है। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि आरोपी पक्ष वारदात के बाद गांव छोड़कर फरार हो गया।

पंचायत ने भी की थी समझौते की कोशिश

मृतकों के परिजन रिंकू ने बताया कि सरकारी जमीन को लेकर करीब दो वर्षों से विवाद चल रहा था। कई बार पंचायत के जरिए समझौते की कोशिश हुई, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। उनका आरोप है कि करीब 15 दिन पहले भी मेढ़ उखाड़ने को लेकर विवाद हुआ था और पुलिस को शिकायत भी दी गई थी, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि घटना के दौरान 12 से 14 लोग मौजूद थे, जिनमें आठ हथियारों से लैस थे। परिजनों ने आरोपियों के मकान तोड़ने, परिवार को सुरक्षा और हथियार का लाइसेंस देने की मांग की है।

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फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

एएसपी सुरेंद्र पाल सिंह डाबर ने बताया कि सरकारी जमीन पर कब्जे के विवाद को लेकर दो पक्षों में संघर्ष हुआ था। गोली लगने से घायल चार लोगों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। दो गंभीर घायलों को ग्वालियर रेफर किया गया है। मृतकों के परिजनों की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसडीओपी के नेतृत्व में सुमावली, बानमोर और नूराबाद थाना पुलिस की टीमें गठित की गई हैं। मुरैना पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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