राम मंदिर पर बोलने का अधिकार सिर्फ हिंदुओं को, विपक्ष को कोई नैतिक हक नहीं: आचार्य प्रमोद कृष्णम| Navbharat Live

Published on 11 जुल॰ 2026

राम मंदिर पर बोलने का अधिकार सिर्फ हिंदुओं को, विपक्ष को कोई नैतिक हक नहीं: आचार्य प्रमोद कृष्णम

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सार

Ayodhaya Ram Mandir: आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि राम मंदिर पर बोलने का अधिकार सिर्फ हिंदुओं को है। उन्होंने विपक्ष पर 2027 चुनाव से पहले राम मंदिर के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

Only Hindus have the right to speak on Ram Temple, the opposition has no moral right: Acharya Pramod Krishnam

आचार्य प्रमोद कृष्णम (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

Acharya Pramod Krishnam Statement On Ram Mandir: आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राम मंदिर और भगवान श्रीराम को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और भगवान श्रीराम पर बोलने का अधिकार केवल हिंदुओं को है, क्योंकि विपक्ष ने कभी भी मंदिर निर्माण का समर्थन नहीं किया। उनके अनुसार, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं और हिंदुओं को बांटने की कोशिश कर रहे हैं।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने पिछली सरकारों पर मंदिरों के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। इसके अलावा उन्होंने अखिलेश यादव के ‘सनातन और समाजवाद एक हैं’ वाले बयान पर भी तंज कसते हुए कहा कि उनका समाजवाद के मूल विचारों से कोई संबंध नहीं है। ‘वंदे मातरम’ को उन्होंने भारत की आत्मा और स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक बताया, जबकि वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों की भागीदारी का समर्थन करते हुए कहा कि संविधान के तहत गठित किसी भी बोर्ड में हर भारतीय को सेवा करने का अधिकार है।

राम मंदिर पर विपक्ष को घेरा

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, “श्री राम जन्मभूमि मंदिर और भगवान श्री राम के बारे में बात करने का अधिकार सिर्फ हिंदुओं को है। विपक्ष को श्री राम जन्मभूमि मंदिर पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि उन्होंने कभी भी राम मंदिर के निर्माण का समर्थन नहीं किया।” विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक फायदे के लिए राम मंदिर के मुद्दे का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि चाहे कांग्रेस हो, समाजवादी पार्टी हो या पूरा विपक्ष, वे हिंदुओं को गुमराह करके और उन्हें बांटकर 2027 का चुनाव जीतने के लिए राम मंदिर के मुद्दे का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मानना ​​है कि अगर हिंदू एकजुट रहे, तो वे 2027 का चुनाव नहीं जीत पाएंगे।

योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर कि पिछली सरकारें मंदिरों पर हमले की योजना बनाती थीं, आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मुख्यमंत्री की बात का समर्थन किया। उन्होंने ​​कहा कि जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक आ रहे हैं, समाजवादी पार्टी को लगता है कि वह हिंदुओं को बांटकर जीत सकती है। मंदिरों पर हमला करना समाजवादी पार्टी की आदत रही है। इसलिए, मुख्यमंत्री ने जो कुछ भी कहा है, वह सही है।

अखिलेश यादव पर साधा निशाना

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के इस बयान पर कि सनातन धर्म और समाजवाद एक ही हैं, आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि अखिलेश यादव का समाजवाद के आदर्शों से कोई लेना-देना नहीं है। राम मनोहर लोहिया और अखिलेश यादव के बीच वैसा ही रिश्ता है, जैसा महात्मा गांधी और राहुल गांधी के बीच है। ‘वंदे मातरम’ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय की कथित गाइडलाइंस पर बात करते हुए उन्होंने इस नारे को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक बताया।

वंदे मातरम भारत की आत्मा

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम’ भारत की आत्मा की आवाज है। हमने इसी नारे के साथ आजादी की लड़ाई लड़ी थी। यह हर भारतीय का सम्मान है और हर भारतीय को इसे कहना चाहिए। जो भी भारत का है और भारत में विश्वास रखता है, वह ‘वंदे मातरम’ कहेगा। गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस देश को मजबूत करेंगी और भारतीयता की भावना को और बढ़ाएंगी।

साजिद रशीदी के बयानों पर साधा निशाना

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष साजिद रशीदी की विवादित टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस्लाम महिलाओं का सम्मान करना सिखाता है, लेकिन लगता है कि मौलाना रशीदी इससे अनजान हैं। सबसे पहले, उन्हें एक सच्चा मुसलमान बनना चाहिए और इस्लाम की शिक्षाओं को समझना चाहिए। तभी उन्हें पता चलेगा कि महिलाओं का सम्मान कैसे किया जाता है। देखने में तो वे इस्लामिक विद्वान लग सकते हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे इस्लाम के सच्चे मूल्यों को समझते हैं। अगर वे समझते, तो ऐसी बातें नहीं कहते।

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वक्फ बोर्ड पर भी रखी अपनी राय

वक्फ कमेटियों में गैर-मुसलमानों को शामिल करने पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि भारत के संविधान के तहत गठित कोई भी बोर्ड देश का होता है। भारत में हर भारतीय को ऐसे किसी भी बोर्ड का हिस्सा बनने और उसमें सेवा करने का अधिकार है।

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