आने वाले दिनों में प्याज के दाम बढ़ेंगे या घटेंगे? सरकार ने दिया बड़ा संकेत

Published on 26 अग॰ 2026

आने वाले दिनों में प्याज के दाम बढ़ेंगे या घटेंगे? सरकार ने दिया बड़ा संकेत

Aug 27, 2026 12:49 am ISTलाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली

Follow us on Google News

share

मुख्य बातें

  • सरकार ने त्योहार और शादी के सीजन में प्याज की कीमतों में संभावित तेजी को रोकने के लिए बफर स्टॉक से प्याज की सप्लाई शुरू कर दी है
  • दिल्ली में NCCF और NAFED समेत कुछ आउटलेट और मोबाइल वैन के जरिए करीब ₹35/KG की दर से प्याज बिक्री शुरू की गई है
  • सरकार का कहना है कि देश में उपलब्धता पर्याप्त है
onion price

सरकार का कहना है कि देश में पर्याप्त है प्याज की उपलब्धता।

त्योहारों और शादी के सीजन में प्याज की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसकी कीमतों पर नियंत्रण रखने की तैयारी तेज कर दी है। सरकार ने अपने बफर स्टॉक से प्याज की नियंत्रित मात्रा में बाजार में सप्लाई शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि देश में प्याज की उपलब्धता फिलहाल पर्याप्त है और आने वाले महीनों में घरेलू मांग को पूरा करने में कोई परेशानी नहीं होगी। 26 अगस्त तक देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब ₹37.87 प्रति किलो रही। वहीं, टमाटर का औसत भाव ₹38.33 और आलू का ₹22.63 प्रति किलो था। सरकार का उद्देश्य त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने पर कीमतों में अचानक होने वाली तेजी को रोकना है।

सरकार के मुताबिक, नासिक से दिल्ली के लिए पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ प्याज लेकर रवाना हो चुकी है। इसके अलावा 15 से ज्यादा ट्रकों के जरिए 10 से अधिक शहरों और क्षेत्रों में प्याज भेजने की योजना है। प्याज की सप्लाई के लिए रेलवे और सड़क परिवहन दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार ने बताया कि 2025-26 में देश में प्याज का उत्पादन करीब 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 307.67 लाख टन के लगभग बराबर है, यानी उत्पादन में बड़ी गिरावट नहीं आई है। इसी वजह से सरकार को उम्मीद है कि बफर स्टॉक और बाजार में समय-समय पर हस्तक्षेप के जरिए आने वाले महीनों में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखी जा सकेगी।

सरकार ने 2026-27 के लिए प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड के तहत 2 लाख टन रबी प्याज खरीदने का लक्ष्य रखा था। इसकी खरीद 15 मई से NAFED और NCCF के जरिए शुरू हुई और अब तक करीब 1.21 लाख टन प्याज खरीदा जा चुका है। खास बात यह है कि इस बार सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन को पहली बार प्याज के बफर स्टॉक के लिए स्टोरेज एजेंसी के तौर पर शामिल किया गया है। दिल्ली में NCCF और NAFED के आउटलेट, मोबाइल वैन, सफल (Safal) और केंद्रीय भंडार के जरिए करीब ₹35 प्रति किलो की दर से प्याज बिक्री भी शुरू की गई है।

सरकार का यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि त्योहारों और शादी के सीजन में प्याज की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। पिछले साल ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए करीब 88 हजार टन प्याज 86 रेलवे रेक से 16 शहरों तक पहुंचाया गया था, जबकि 2024-25 में सिर्फ 14 रेक के जरिए करीब 12 हजार टन प्याज 5 शहरों में भेजा गया था।

इस बार दिल्ली-NCR के अलावा चेन्नई, कोलकाता, एर्नाकुलम, गुवाहाटी, वाराणसी, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, जम्मू और अमृतसर जैसे शहरों में भी सप्लाई भेजी जा रही है। सरकार रोजाना 579 केंद्रों पर 41 जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर नजर रखती है और बाजार की स्थिति, आवक तथा मांग के अनुसार आगे बफर स्टॉक जारी करेगी, यानी फिलहाल सरकार का फोकस यही है कि त्योहारों के दौरान प्याज की मांग बढ़े, लेकिन आम लोगों की रसोई का बजट न बिगड़े।