- Hindi News
- Local
- Rajasthan
- Kota
- The Education Minister's Daughter in law And Son Applied To Become Voters In Atru, But The SDM Rejected Their Applications.
कोटा40 मिनट पहलेलेखक: पंकज मित्तल
- कॉपी लिंक

आवेदन फार्म।
वार्ड 21 में 6 माह से रहने की जानकारी जांच में गलत निकली थी, अटरू नगर पालिका चेयरमैन सीट होने के कारण यहां से चुनाव लड़ने की तैयारी शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे-बहू के वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के आवेदन पर विवाद हो गया है। दिलावर के बेटे पवन दिलावर और बहू हेमलता ने अटरू नगर पालिका के वार्ड नंबर 21 में वोटर बनने के लिए आवेदन किया था। हालांकि उनके यहां रहने के प्रमाण नहीं मिलने पर एसडीएम ने अर्जी खारिज कर दी। आवेदन में दोनों ने शिक्षित होने के बावजूद हस्ताक्षर करने की बजाय अंगूठा लगाया।
बीएलओ ने हस्ताक्षर करवाने की जहमत नहीं उठाई और वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की अनुशंसा के साथ आवेदन एसडीएम को भेज दिया। एसडीएम की जांच कमेटी के सामने आया कि दोनों यहां नहीं रहते हैं। इसके बाद आवेदन खारिज कर दिया गया। गौरतलब है कि शिक्षा मंत्री रामगंजमंडी विधानसभा के रंगबाड़ी में रहते हैं।
उनके बेटे-बहू ने अटरू नगर पालिका के वार्ड 21 की भाग संख्या 1 में नाम जुड़वाने के लिए 21 अगस्त को आवेदन किया और मकान नंबर 10, बस स्टैंड के पास का पता बताया था। इसमें कांतिबाई का नाम लिखा है, जो रिश्ते में ताई हैं। दोनों ने हस्ताक्षर की जगह अंगूठे लगा रखे थे। इस पर एसडीएम अंजना सहरावत ने संदेह जताते हुए 5 सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच करवाई। कमेटी ने आवेदन में लिखे घर के पते की जांच की और आसपास के 5 मकानों के निवासियों के बयान लिए। सभी ने कहा कि पवन और उनकी पत्नी न तो पहले कभी यहां रहे और न ही अभी रह रहे हैं। कमेटी की रिपोर्ट के बाद एसडीएम ने आवेदन खारिज कर दिया।
हमने वोटर बनने के लिए आवेदन किया था, पर चुनाव लड़ने की मंशा नहीं है मैंने और मेरी पत्नी ने वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का आवेदन किया है, लेकिन हमने हस्ताक्षर किए हैं, अंगूठे नहीं लगाए। आवेदन खारिज हुए हैं, इसकी जानकारी नहीं है। खारिज हुआ है तो कलेक्टर को अपील करेंगे। पहले भी वहां रहे थे और फिर से वहां रहने का मन है। चुनाव लड़ने के लिए काेई आवेदन नहीं किया है।-पवन दिलावर, आवेदनकर्ता
शिक्षामंत्री के बेटे और बहू का अंगूठा लगाना संदेश उत्पन्न करता है बीएलओ ने बिना आवेदन जांचे नाम जोड़ने की अनुशंसा की थी। संदेह होने पर जांच कराई। शिक्षामंत्री के बेटे और बहू ने आवेदन पर साइन नहीं करके अंगूठा लगाया है। यह प्रमाणिकता और वास्तविकता के संबंध में संदेह उत्पन्न करता है। अटरू के वार्ड 21 में रहने का काेई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। 6 माह से रहने का प्रमाण जरूरी है। -अंजना सहरावत, (एसडीएम) ने आदेश में लिखा
.