विद्यार्थी विज्ञान संगोष्ठी में ऊर्जा के भविष्य पर रखेंगे विचार - Buxar News

Published on 27 अग॰ 2026

जिले के छात्र छात्राओं में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने और उनमें वैज्ञानिक सोच विकसित करने के उद्देश्य से विज्ञान संगोष्ठी-2026 का आयोजन किया जाएगा। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद, बिहार के निर्देश पर आयोजित होने वाली इस संगोष्ठी का विषय ‘इंडिय

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कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के भविष्य, उपलब्ध संसाधनों, तकनीकी विकास और सामने आने वाली चुनौतियों को समझने तथा अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसको लेकर राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक यतेन्द्र कुमार ने सबंधित अधिकारीयों को आवश्यक निर्देश जारी किया है। विभाग का मानना है कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से छात्र छात्राओं में विज्ञान के प्रति अभिरुचि बढ़ने के साथ उनकी रचनात्मकता, तार्किक क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को भी मजबूती मिलेगी।

विज्ञान संगोष्ठी की शुरुआत विद्यालय स्तर से होगी। इसके बाद चयनित छात्र छात्रा प्रखंड, जिला और प्रमंडल स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। प्रमंडल स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को 6 अक्टूबर को श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र, गांधी मैदान, पटना में आयोजित राज्य स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसके बाद चयनित प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे। राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान संगोष्ठी 30 अक्टूबर 2026 को नेशनल साइंस सेंटर, दिल्ली में आयोजित होगी।

प्रतियोगिता में प्रत्येक प्रतिभागी को ‘इंडियन एनर्जी बास्केट-2047’ विषय पर अधिकतम छह मिनट की व्याख्यान प्रस्तुति देनी होगी। प्रस्तुति से पहले 20 मिनट की लिखित अभिक्षमता जांच होगी। इसमें विज्ञान एवं वैज्ञानिक अभिक्षमता से संबंधित 20 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रस्तुति समाप्त होने के बाद निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागी से विषय से संबंधित 3 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देने के लिए 2 मिनट का समय मिलेगा। इसके जरिए छात्र छात्राओं की विषय पर पकड़, तर्क क्षमता और वैज्ञानिक समझ का आकलन किया जाएगा। संगोष्ठी में छात्र छात्राओं का मूल्यांकन कुल 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा।

कक्षा 8वीं से 10 वीं तक के छात्र-छात्रा होंगे शामिल संगोष्ठी में कक्षा 8 वीं से 10वीं तक के छात्र छात्रा भाग ले सकेंगे। इसका उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक विषयों के अध्ययन के साथ रचनात्मक और विश्लेषणात्मक क्षमता विकसित करना है। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को निर्धारित विषय पर शोधपरक जानकारी जुटाकर उसे तार्किक ढंग से प्रस्तुत करना होगा।