हिमाचल में ‘लंपी वायरस’ की दस्तक; कई पशुओं की हुई मौत
August 27, 2026

शिमला : हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में मवेशियों में लंपी त्वचा रोग के मामले तेजी से सामने आएं हैं। राज्य के सिरमौर, सोलन और हमीरपुर जिलों में पशुओं में इस वायरस के संक्रमण की पुष्टि के बाद पशुपालन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है और प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं। अकेले सिरमौर में 1538 पशुओं में लम्पी रोग के लक्षण मिले हैं। इनमें से अब तक 31 पशुओं की मौत हो चुकी है।
सिरमौर में सबसे अधिक गौवंश इस रोग का शिकार बना है।
वर्तमान में जिला में लम्पी रोग के 692 एक्टिव मामले है। जबकि उपचार के बाद 815 पशु रिकवर हो चुके है। इसके अलावा 15,200 पशुओं का टीकाकरण हो चुका है। सिरमौर के अलावा सोलन और हमीरपुर समेत हरियाणा और उत्तराखंड के साथ सीमा से सटे जिला सिरमौर के मैदानी और कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों से सबसे अधिक मामले सामने आए है। ऐसे में स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए पशुपालन विभाग ने रोकथाम के लिए टीकाकरण और निगरानी अभियान तेज कर दिया ।
इसका प्रभाव ये पड़ा है की पहले जिला में जहां रोजाना करीब 200 मामले दर्ज किए जा रहे थे, अब इसमें गिरावट दर्ज होने पर रोजाना की संख्या सिमट कर 110 हो गई है। बावजूद इसके न केवल सम्बंधित विभाग सतर्क है, बल्कि आवारा घूमने वाले पशुओं पर भी विभाग की नज़रें बनी हुई है। हमीरपुर के चार उपमंडलों में फैला असर: हमीरपुर के नादौन, भोरंज, सुजानपुर और बरसार क्षेत्रों में भी लंपी रोग ने पैर पसार लिए हैं। यहां अब तक 40 से अधिक मवेशी संक्रमित पाए जा चुके हैं। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए जिले के विभिन्न पशु चिकित्सालयों को तुरंत 13,500 वैक्सीन डोज उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि स्वस्थ पशुओं का समय पर टीकाकरण किया जा सके।
पशुपालन विभाग सिरमौर में तैनात उप निदेशक डॉ. राजीव वालिया ने लंपी एक संक्रामक बीमारी है और इसके प्रसार को रोकने के लिए विभाग की टीमें विभिन्न गांवों में पहुंचकर युद्धस्तर पर टीकाकरण कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जिला में गौवंश की संख्या 1 लाख 80 हजार है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा बीमार पशुओं की पहचान कर उनका उपचार किया जा रहा है। इसी तरह सोलन जिले के नालागढ़ और कुनिहार क्षेत्रों में भी करीब 40 पशुओं में संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं। स्थिति को देखते हुए सोलन जिले में एहतियात के तौर पर 90,500 से अधिक वैक्सीन की खुराकें आवंटित कर दी गई हैं।