विदेश में शादी ना करें! पीएम मोदी ने भारतीयों को क्यों दिया खास मंत्र? इसलिए है जरूरी

Published on 1 सित॰ 2026

PM मोदी ने 7.8% GDP ग्रोथ के बीच लोगों से विदेश में शादी न करने और ‘Wed in India’ का मंत्र अपनाने की अपील की। उन्होंने स्वदेशी, स्थानीय उत्पादों और आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि घरेलू खर्च से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की तेज आर्थिक वृद्धि के बीच लोगों से स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की अपील की है। मंगलवार को जारी एक वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने खास तौर पर विदेश में शादियां करने के चलन पर सवाल उठाते हुए लोगों से ‘Wed in India’ यानी भारत में ही शादी करने के मंत्र को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अगर शादी करनी है तो उसे विदेश में आयोजित करने के बजाय भारत में ही किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा, “विदेश यात्राएं अगर घूमने के लिए जाते हैं, तो नहीं जाना चाहिए। अगर विदेश में शादियां करते हैं, तो नहीं करनी चाहिए। ‘वेड इन इंडिया’ के मंत्र को जीना चाहिए।” उन्होंने लोगों से घरेलू उत्पादों और स्थानीय खपत को प्राथमिकता देने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत न हो तो सोना भी नहीं खरीदना चाहिए।

विदेशों में भारतीयों की शादियों का चलन

विदेशों में भारतीयों की शादियों का चलन अब केवल कुछ बेहद अमीर परिवारों तक सीमित नहीं रह गया है। रिपोर्टों की मानें तो 2025 में सर्वे किए गए हर चार में से करीब एक विवाह डेस्टिनेशन वेडिंग था। इनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों आयोजन शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 2025 में विदेश में होने वाली डेस्टिनेशन वेडिंग का औसत बजट करीब 1.5 करोड़ रुपये रहा, जबकि भारत में डेस्टिनेशन वेडिंग का औसत बजट करीब 58 लाख रुपये था। अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए थाइलैंड सबसे पसंदीदा विकल्प बना हुआ है, जबकि श्रीलंका की लोकप्रियता 2025 में करीब 25 प्रतिशत बढ़ी।

विदेश में शादियों के बढ़ते चलन का एक और संकेत यात्रा बीमा के आंकड़ों से मिलता है। Policybazaar के 2023-2025 YTD डेटा के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय शादियों से जुड़े ट्रैवल इंश्योरेंस की खरीद में लगातार दो वर्षों तक 27.4 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। थाइलैंड, UAE, वियतनाम और श्रीलंका भारतीयों के प्रमुख विदेशी वेडिंग डेस्टिनेशन रहे, जबकि इटली, स्पेन और ग्रीस जैसे यूरोपीय देश अपेक्षाकृत लक्जरी समारोहों के लिए पसंद किए गए। हालांकि, विदेश में होने वाली शादियों की कुल संख्या का कोई आधिकारिक सरकारी आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। कुछ उद्योग अनुमानों में हर साल करीब 1,000 भारतीय शादियों के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने की बात कही गई है। यानी विदेश में शादी का मतलब है कि भारतयों की कमाई दूसरे देश में खर्च होती है। यही वजह है कि पीएम मोदी ने फिर एक बार सीधी अपील की है।

भारत की GDP में जबरदस्त उछाल

पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की जबरदस्त GDP वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने इस आर्थिक प्रदर्शन को देश के लोगों की मेहनत और सामूहिक शक्ति का प्रतिबिंब बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया युद्ध, संकट और बाधित सप्लाई चेन जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, लेकिन इन परिस्थितियों के बावजूद भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देश में निराशा फैलाने और गलत सूचनाओं को दोहराने को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि इन बाधाओं से ऊपर उठकर देश ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है और इस गति को बनाए रखना जरूरी है।

अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत को आर्थिक विकास से जोड़ते हुए कहा कि घरेलू उत्पादों और स्थानीय उपभोग पर जितना अधिक जोर दिया जाएगा, उतना ही देश आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने लोगों से गैर-जरूरी सोना खरीदने से भी बचने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर अधिक जोर देने से भारत 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि आज की मेहनत के जरिए देश की युवा पीढ़ी के सपनों को पूरा किया जा सकता है।

भारत की वास्तविक GDP 81.36 लाख करोड़ रुपये

MoSPI के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में भारत की वास्तविक GDP 81.36 लाख करोड़ रुपये अनुमानित की गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 75.46 लाख करोड़ रुपये थी। इस आधार पर वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। वास्तविक GVA में भी 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी GDP के आंकड़ों का स्वागत करते हुए इसके लिए देश की जनता की मेहनत को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि NDA सरकार द्वारा किए गए सुधार और अर्थव्यवस्था के प्रबंधन के परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं।