बसपा नेता कमालुद्दीन की हत्या करने वाला मारा गया: आजमगढ़ में कमालुद्दीन के बेटे ने की इमोशनल पोस्ट, पापा- आप हमेशा यादों में रहेंगे - Azamgarh News

Published on 14 जुल॰ 2026

यूपी एसटीएफ और गोरखपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने बसपा नेता कमालुद्दीन हत्याकांड के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी मुस्तफिजुर रहमान उर्फ बाबू को मुठभेड़ में मार गिराया। आरोपी आजमगढ़ के मेंहनगर थाना क्षेत्र का रहने वाला था और लंबे समय से फरार चल रह

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मुठभेड़ की खबर मिलने के बाद मंगलवार सुबह 8:30 बजे कमालुद्दीन के बेटे फुरकान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा, "15 फरवरी मेरे जीवन का सबसे काला दिन था। आप हमेशा यादों में रहेंगे पापा, अल्लाह आपको जन्नत दे।"

दैनिक भास्कर से बातचीत में फुरकान ने कहा कि पिता की हत्या के बाद परिवार ने इंसाफ के लिए लंबा संघर्ष किया। कई मुश्किलें आईं, लेकिन पुलिस और सरकार के सहयोग से आखिरकार मुख्य आरोपी तक पुलिस पहुंच गई और उन्हें न्याय मिला।

कमालुद्दीन हत्याकांड का आरोपी मुस्तफिजुर रहमान।

कमालुद्दीन हत्याकांड का आरोपी मुस्तफिजुर रहमान।

2021 में हुई थी बसपा नेता की हत्या

बसपा नेता कमालुद्दीन आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से दो बार चुनाव लड़ चुके थे। 15 फरवरी 2021 को उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश थी।

दरअसल, वर्ष 2013 में मेंहनगर थाना क्षेत्र के कुखुंदपुर गांव निवासी कामरान की हत्या हुई थी। उस मामले में कमालुद्दीन आरोपी थे। कामरान, मुस्तफिजुर रहमान का भाई था। पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश में कमालुद्दीन की हत्या की साजिश रची गई।

मुस्तफिजुर रहमान का एनकाउंटर करने वाली टीम।

मुस्तफिजुर रहमान का एनकाउंटर करने वाली टीम।

गुजरात से गिरफ्तारी के बाद पुलिस को चकमा देकर भागा था

मुस्तफिजुर रहमान को वर्ष 2024 में आजमगढ़ पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि आजमगढ़ लाते समय वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इसके बाद उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। यूपी एसटीएफ और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी।

10 मुकदमे थे दर्ज

पुलिस के अनुसार, मुस्तफिजुर रहमान के खिलाफ आजमगढ़ में आठ, हरदोई में एक और महाराष्ट्र में एक मुकदमा दर्ज था। इनमें हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। आजमगढ़ पुलिस इस हत्याकांड के कई अन्य आरोपियों की संपत्तियां भी कुर्क कर चुकी है।

जांच में सामने आया था मुख्तार गैंग का कनेक्शन

कमालुद्दीन हत्याकांड की जांच के दौरान माफिया मुख्तार अंसारी गैंग का नाम भी सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद कमालुद्दीन के परिवार को दुबई से धमकियां मिल रही थीं। जांच में फरार आरोपी अली शेर और मसरूर के मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े होने की बात भी सामने आई थी। पुलिस ने इस एंगल पर भी जांच की थी।