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जालंधर के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार और बिना किसी पूर्व सूचना के लग रहे अघोषित बिजली कटों ने स्थानीय उद्योग की कमर तोड़कर रख दी है। पिछले छह दिन के दौरान शहर के करीब 3000 छोटे-बड़े कारखानों में बिजली आपूर्ति बाधित रहने से 500 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादन का नुकसान हो चुका है।
शाम के समय कट लगने के बाद कई बार पूरी रात बिजली गायब रहती है, जिससे उद्योगों में चल रही लगातार निर्माण प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है। बिजली की भारी किल्लत के कारण प्रवासी मजदूर ओवरटाइम न मिलने से वापस लौटने लगे हैं, जिससे लेबर का गंभीर संकट पैदा हो गया है। इसके अलावा औद्योगिक इलाकों में छाए अंधेरे के कारण चोरी और लूटपाट की वारदातें बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे कारोबारियों में सुरक्षा को लेकर भारी चिंता है। गर्मियों में पंजाब बिजली सरप्लस स्टेट नहीं रहा।
बिजली की मांग बढ़ रही है। प्राइवेट थर्मल प्लांटों में कोयले का भारी स्टॉक कम होने और प्राइवेट सेक्टर पर अत्यधिक निर्भरता के कारण पंजाब को महंगे दामों पर बिजली खरीदनी पड़ रही है। मांग है कि रोपड़ थर्मल पावर प्लांट में 3×800 मेगावाट की नई जेनरेशन यूनिट्स और गुरु नानक देव थर्मल पावर प्लांट की खाली जमीन पर 250 मेगावाट का सोलर पावर प्रोजेक्ट तुरंत सरकारी क्षेत्र के तहत शुरू किया जाए।
इसके अलावा, नियमों का उल्लंघन करने वाले प्राइवेट थर्मल प्लांटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पेनल्टी वसूलने की सिफारिश हो। सोमवार को जालंधर में समूह कारोबारी संगठन जुटे। इस दौरान फीयो चेयरमैन अश्वनी विक्टर ने कहा कि रोजाना रात को 4-5 घंटे का अचानक लगाया जाने वाला बिजली कट बंद हो। इसकी जगह पावरकॉम पूरे 1 दिन की बिजली बंद करके ले, लेकिन हफ्ते में बाकी 6 दिन रेगुलर बिजली सप्लाई करे। जालंधर की ट्रेड एंड इंडस्ट्री की ज्वाइंट एक्शन कमेटी के कन्वीनर गुरशरण सिंह ने कहा कि रेगुलर प्रोडक्शन प्रोसेस ठप होने से जालंधर के कारखानों का प्रोडक्शन लॉस हो रहा है।
सरकार का दावा है कि पंजाब के थर्मल यूनिटों में कोयले की कमी है, ये अचानक हुआ कैसे? बिजली कटों से पंजाब की आर्थिकता के लिए लंबा संकट पैदा हो गया है। जालंधर की कास्टिंग, रबर गुड्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिटों, पाइप फिटिंग व हैंड टूल्स इंडस्ट्री के श्रमिकों से रात की शिफ्ट का रोजगार छिन गया है।
इस दौरान रबड़ गुड्स एसोसिएशन से राज कुमार हरजाई और अशोक मागू, इंडस्ट्रीयल एस्टेट के प्रधान सूबा सिंह, लेदर फेडरेशन से राजू विर्क, जेटीएमए से प्रेसिडेंट संजीव ढींगरा और जसविंदर सिंह, राजन मागू, करण मागू, आल इंडिया वाल्व एंड काक्स एसोसिएशन से गुरबख्श सिंह मागू शामिल रहे हैं।
अजय सिंह , सेक्रेटरी पीएसईबी इंजी, एसोसिएशन