सिमडेगा थाना क्षेत्र के कोडरेंगा महतो टोली में महिला की हत्या के मामले में सत्र न्यायालय ने अभियुक्त उमेश सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
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जुर्माने की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में उसे छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। यह मामला सिमडेगा थाना कांड संख्या 122/2024, से संबंधित है। मामले में उमेश सिंह निवासी कोडरेंगा महतो टोली, थाना और जिला सिमडेगा को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत दोषी ठहराया गया। जिला व सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने सोमवार को सजा सुनाई।
मामले में दर्ज बयान के अनुसार मृतका शांति देवी की बहन को 30 सितंबर 2024 की रात करीब नौ बजे उसकी बहन की मौत की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद वह अपने भाई और परिजनों के साथ सिमडेगा स्थित शांति देवी के ससुराल पहुंची। वहां शांति देवी घर के किचन में मृत अवस्था में मिली थी। बयान में मृतका के शरीर पर चेहरे, हाथ और पैर में चोट के निशान होने की बात कही गई थी। मृतका की बहन ने पुलिस को दिए बयान में यह भी बताया था कि आसपास के लोगों से जानकारी मिली कि शांति देवी का पति उमेश सिंह शराब पीने के बाद उसके साथ मारपीट करता था। पुलिस को दिए बयान में मृतका की बहन ने बताया था कि घटना से कुछ दिन पहले शांति देवी ने अपनी मां को फोन कर पति द्वारा मारपीट किए जाने की जानकारी दी थी। उसने अपनी मां से उसे ससुराल से मायके ले जाने की बात कही थी। परिवार की ओर से अगले सप्ताह भाई के साथ आकर उसे ले जाने की बात कही गई थी। इसके बाद 30 सितंबर 2024 को शांति देवी की मौत की सूचना परिवार को मिली। परिजन जब उसके ससुराल पहुंचे तो वह मृत अवस्था में मिली। मामले में उसके पति उमेश सिंह पर हत्या का आरोप लगाया गया था। मामले में अभियोजन पक्ष से आठ गवाहों ने गवाही दी। मामले की सुनवाई प्रधान जिला जज के अदलत में हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने उमेश सिंह को बीएनएस की धारा 103(1) के तहत दोषी करार दिया। इसके बाद सोमवार को उसे आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। न्यायालय के आदेश में 20 हजार रुपये जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।