सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, खरीदारी करने वालों के लिए खुशखबरी
Sep 10, 2026 08:33 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

मुख्य बातें
- त्योहारी सीजन को लेकर सोने-चांदी की खरीदारी करना चाहते हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है
- दरअसल, गुरुवार को कॉमेक्स पर सोना 1.68 फीसदी गिरकर 4,386 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गया
- वहीं, चांदी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई

सोना-चांदी के घटे दाम
अगर सोने-चांदी की खरीदारी करना चाहते हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, वैश्विक कारणों से सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर से बड़ी गिरावट देखी गई है। सप्ताह के चौथे दिन यानी गुरुवार को कॉमेक्स पर सोना 1.68 फीसदी गिरकर 4,386 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गया। वहीं, चांदी की कीमत में भी करीब 6 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट की वजह से चांदी 65 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गई।
सोना-चांदी का हाल
घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी पर दबाव रहा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट का सोना शाम के कारोबार में करीब 1 फीसदी गिरकर 1,52,249 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी की बात करें तो 3.63 फीसदी टूटकर 2,35,347 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई।
क्या हैं कारण?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड के दबाव की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। महंगे कच्चे तेल ने भी महंगाई की चिंता बढ़ा दी है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त मौद्रिक नीति की आशंका भी बढ़ी है। इसका सीधा असर बुलियन मार्केट पर पड़ा।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
LKP सिक्योरिटीज में रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) के VP जतिन त्रिवेदी के अनुसार, बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी के बीच प्रॉफिट बुकिंग से सोने की कीमतों में गिरावट आई है। गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 38 पैसे मजबूत होकर 95.46 पर बंद हुआ जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमत 102 डॉलर के स्तर को पार कर गई। त्रिवेदी ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई की चिंता को बनाए हुए हैं। इससे फेड की सख्त नीति और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद बढ़ रही है, जिसका दबाव सोने पर पड़ रहा है।
बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली मौद्रिक नीति बैठक पर है। इस सप्ताह आने वाला PCE प्राइस इंडेक्स महंगाई के रुख को समझने में अहम होगा। इससे अगले सप्ताह होने वाली फेड बैठक से पहले ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को दिशा मिल सकती है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने भी बाजार की अनिश्चितता बढ़ाई है।
कमजोर डॉलर ने दिया सहारा
IG के एनालिस्ट टोनी सिकामोर ने कहा कि ज्यादा बॉन्ड यील्ड के बावजूद कमजोर डॉलर ने सोने को सहारा दिया। रॉयटर्स के अनुसार, IG के सीनियर मार्केट एनालिस्ट सिकामोर ने बताया कि पिछला सेशन सोने के लिए लगभग 4402 डॉलर पर खत्म हुआ। उन्होंने कहा कि ट्रेजरी यील्ड बढ़ने के बावजूद कमजोर US डॉलर ने सोने को सहारा दिया। इससे पता चलता है कि अभी कई ताकतें सोने की कीमतों को अलग-अलग दिशाओं में खींच रही हैं।