(फिलेम दीपक सिंह)
नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश की तान्या चौधरी ने महिलाओं की तार गोला फेंक स्पर्धा में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर खिताब जीतकर जबकि चोट से उबरकर लौटे अविनाश साबले ने बृहस्पतिवार को यहां इंडियन एथलेटिक्स सीरीज फाइनल में एक साल से अधिक समय बाद अपनी पहली 3000 मीटर स्टीपलचेज रेस में शानदार जीत दर्ज की।
बाइस वर्षीय तान्या 68.35 मीटर के प्रयास के साथ शीर्ष पर रहीं। उन्होंने अपनी ही राज्य की अनुष्का यादव के जून में बनाए 67.02 मीटर के पिछले राष्ट्रीय रिकॉर्ड को बेहतर किया। अनुष्का 66.34 मीटर के प्रयास के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।
तान्या और अनुष्का दोनों एशियाई खेलों की भारतीय टीम में शामिल हैं।
महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व कर रहे स्टार स्टीपलचेज धावक साबले ने आठ मिनट 32.39 सेकेंड के समय के साथ पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा जीती। यह एक साल से अधिक समय में इस स्पर्धा में उनकी पहली रेस थी।
इकतीस वर्षीय साबले ने पिछले साल एसीएल सर्जरी कराने के बाद इस सत्र में अब तक सिर्फ एक रेस में हिस्सा लिया है। उन्होंने अगस्त में बेल्जियम में 5000 मीटर की रेस में शिरकत की थी। साबले ने 2023 में हांगझोउ एशियाई खेलों में 3000 मीटर स्टीपलचेज का स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था।
भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने एशियाई खेलों के आयोजकों से साबले का 5000 मीटर में भी प्रवेश स्वीकार करने का अनुरोध किया है, हालांकि 3000 मीटर स्टीपलचेज में उनकी भागीदारी की पुष्टि हो चुकी है।
साबले ने कहा, ‘‘मैं 3000 मीटर स्टीपलचेज और 5000 मीटर दोनों के लिए प्रशिक्षण ले रहा हूं। उम्मीद है कि मैं एशियाई खेलों में दोनों स्पर्धाओं में दौड़ूंगा।’’
तान्या और साबले दोनों को विजेता के तौर पर एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली। राष्ट्रीय महासंघ ने एकदिवसीय प्रतियोगिता को आकर्षक बनाने के लिए कुल 65 लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी है। सभी 30 स्पर्धाओं के विजेताओं को एक-एक लाख रुपये मिलेंगे।
दूसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों को 50,000 रुपये, जबकि तीसरे, चौथे, पांचवें और छठे स्थान के खिलाड़ियों को क्रमशः 25 हजार, 20 हजार, 15 हजार और 10 हजार रुपये दिए जाएंगे।
तान्या ने कहा कि वह पिछले तीन साल से राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने के प्रयास में जुटी थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा पिछला व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 63.91 मीटर था। मैंने दो-तीन बार (अंतर विश्वविद्यालय स्तर पर) 65 मीटर से अधिक का प्रदर्शन किया था लेकिन उन्हें आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं माना गया। अब मैं ऐसा करने (राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने) में सफल रही हूं। इसलिए यह एक नई शुरुआत है।’’
तान्या उत्तर प्रदेश के बागपत में समान मैदान पर अनुष्का के साथ प्रशिक्षण लेती हैं। हालांकि दोनों के कोच अलग-अलग हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं। हम दोनों एक ही मैदान से हैं। इसलिए हमारे बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है। यह हम दोनों के लिए आगे बढ़ने के लिहाज से अच्छा है।’’
तान्या एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाइंग स्तर हासिल नहीं कर सकीं लेकिन जापान के आइची-नागोया में होने वाले इन खेलों की भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहीं।
निकट भविष्य में 70 मीटर की दूरी छूने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर तान्या ने कहा, ‘‘मैंने अभी अभ्यास में 70 मीटर नहीं फेंका है लेकिन 70 मीटर बहुत दूर नहीं है। यह करीब 1.5 मीटर अधिक है। मैं जल्द ही 70 मीटर तक पहुंचूंगी।’’
एशियाई खेलों की टीम में देर से शामिल की गई छह खिलाड़ियों में से एक महाराष्ट्र की हरिता भद्रा ने महिलाओं की 100 मीटर दौड़ 11.22 सेकेंड में जीती। उन्होंने एशियाई खेलों की 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले के लिए टीम में शामिल किया गया है।
ओडिशा के अनीमेष कुजूर 10.21 सेकेंड के समय के साथ 100 मीटर दौड़ जीतकर प्रतियोगिता के सबसे तेज पुरुष धावक बने। पंजाब के राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक गुरिंदरवीर सिंह 10.32 सेकेंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा रोहित यादव ने 81.10 मीटर के प्रयास के साथ जीती जबकि राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर रहे ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता यशवीर सिंह 80.40 मीटर के प्रयास के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
पंजाब के एशियाई खेलों के मौजूदा चैंपियन तेजिंदरपाल सिंह तूर ने 20.64 मीटर के प्रदर्शन के साथ पुरुषों की गोला फेंक स्पर्धा का खिताब जीता।
इंडियन एथलेटिक्स सीरीज फाइनल का आयोजन एशियाई खेलों के लिए भारतीय ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ियों की तैयारियों के तहत किया गया। एशियाई खेलों के लिए चुनी गई 77 सदस्यीय भारतीय टीम में शामिल लगभग सभी एथलीटों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
हालांकि लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर, ऊंची कूद के खिलाड़ी सर्वेश कुशारे और त्रिकूद के खिलाड़ी प्रवीण चित्रावेल जैसे कुछ खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया।
भाषा सुधीर नमिता
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