दिल्ली-एनसीआर में रहने वालों के लिए बेहतरीन मौका है! रोहिणी के जापानी पार्क में 'उत्तराखंड महोत्सव' की धूम मच गई है। 10 सितंबर से शुरू हुआ यह मेला 14 सितंबर 2026 तक चलेगा। सबसे अच्छी बात यह है कि मेले में एंट्री बिल्कुल फ्री है और आप सुबह 11:30 बजे से लेकर रात 11:30 बजे तक कभी भी यहां आ सकते हैं। खूबसूरत रोशनियों से जगमगाते खुले मैदान में आपको लजीज पहाड़ी स्ट्रीट फूड, लोक संगीत और शानदार हस्तशिल्प का अनुभव मिलेगा।
मेले तक पहुंचना बहुत आसान है। अगर आप मेट्रो से आ रहे हैं, तो रेड लाइन का रिठाला या रोहिणी वेस्ट सबसे नजदीकी स्टेशन है। रिठाला मेट्रो स्टेशन से पार्क का गेट पैदल सिर्फ 7 से 12 मिनट की दूरी पर है। कार या बाइक से आने वालों के लिए पार्क में पेड पार्किंग की सुविधा भी है। ज्यादातर स्टॉल्स पर डिजिटल पेमेंट (UPI) चल रहा है, लेकिन भीड़ के वक्त सहूलियत के लिए थोड़े कैश या छोटे नोट साथ रखना सही रहेगा।
उत्तराखंड महोत्सव: टाइमिंग, फ्री एंट्री और मेट्रो की पूरी जानकारी
| Dates | 10–14 सितंबर, 2026 |
|---|---|
| Timings | सुबह 11:30 से रात 11:30 बजे तक |
| Entry | फ्री (मुफ्त) |
| Venue | जापानी पार्क, सेक्टर 11, रोहिणी |
| Nearest Metro | रिठाला, रोहिणी वेस्ट (रेड लाइन) |
| Walk from Rithala | 7–12 मिनट, 0.5–1 किमी |
| Parking | पार्क में उपलब्ध (पेड) |
अगर आप खाने-पीने के शौकीन हैं, तो यहां बिल्कुल भूखे पेट आएं! अपने फूड सफर की शुरुआत पालक और मेथी से बनने वाली स्वादिष्ट 'काफुली' से करें। इसके बाद आलू के गुटके, भट्ट की चुड़कानी, गहत की दाल और झंगोरे की खीर का लुत्फ उठाना न भूलें। मालू के पत्ते में लिपटी खास मिठाई 'सिंगोरी', चैंसू, मडुए की रोटी और भांग की चटनी भी जरूर ट्राई करें। ये सभी पारंपरिक व्यंजन उत्तराखंड के स्वाद की असली पहचान हैं।
भीड़ से बचने के टिप्स, फैमिली एडवाइजरी और जरूरी बातें
मेले में शाम 7 से रात 10 बजे के बीच सबसे ज्यादा भीड़ रहती है, खासकर मेट्रो स्टेशन के आसपास। अगर आप सुकून से घूमना चाहते हैं, तो वीकडेज़ में दोपहर के वक्त या देर शाम जाने का प्लान बनाएं। बच्चों के साथ आ रहे हैं तो उन पर नजर रखें और झील के किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। हमेशा रोशनी वाले रास्तों पर ही चलें। अपने साथ छोटा छाता, वाइप्स और पानी की बोतल जरूर रखें। शाम के समय यहां लोक कलाकारों की शानदार परफॉर्मेंस भी देखने को मिलेगी।
शॉपिंग में क्या है खास: ऊनी कपड़े, हस्तशिल्प और पहाड़ी मसाले
यहां लगे 150 से भी ज्यादा स्टॉल्स पर आपको हाथ से बुने ऊनी कपड़े, तांबे के बर्तन, लकड़ी के खिलौने और रसोई का सामान मिलेगा। तड़के के लिए मशहूर पहाड़ी मसाला 'जख्या' और रोटी के साथ परोसी जाने वाली भांग की चटनी का रेडीमेड मिक्स पैक खरीदना न भूलें। ज्यादातर काउंटर पर डिजिटल पेमेंट ली जा रही है, लेकिन अलग-अलग वेंडर्स के रेट में थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए खरीदारी से पहले थोड़ा मोल-भाव जरूर कर लें।
अगर आप आज ही उत्तराखंडी खान-पान का मजा लेना चाहते हैं, तो रेड लाइन मेट्रो पकड़ें और रिठाला से टहलते हुए जापानी पार्क पहुंच जाएं। वहां पहुंचकर काफुली या गरम-गरम आलू के गुटके खाएं और फिर मीठी सिंगोरी का स्वाद लें। लाइव पहाड़ी गानों का आनंद उठाएं, घर के लिए शुद्ध मसाले खरीदें और रात को समय रहते लौट आएं। यह मेला सोमवार, 14 सितंबर तक पूरी तरह से फ्री है।