भोपाल के मिसरोद स्कूल में छात्र आंदोलन: फर्नीचर के साथ सीसीटीवी भी तोड़ दिया

Published on 5 अक्टू॰ 2026

भोपाल, 5 अक्टूबर 2026: भारत में एक बार फिर वैसे ही आंदोलन शुरू हो गए हैं जैसे, लगभग 20 साल पहले हुआ करते थे। राजधानी में मिसरोद हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों ने एक महिला शिक्षक के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल का कुछ फर्नीचर तोड़ दिया और सीसीटीवी भी तोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों की शिकायत मैनेजमेंट से संबंधित थी लेकिन वह महिला शिक्षक को हटाने की मांग कर रहे थे। जब जिला शिक्षा अधिकारी ने महिला शिक्षक को हटा दिया, तो महिला शिक्षक को सस्पेंड करने की मांग करने लगे। 

सीसीटीवी तोड़ने का आईडिया किसका था

स्कूल का नाम शासकीय नवीन हायर सेकंडरी विद्यालय, मिसरोद, भोपाल है। सुबह 9:00 बजे स्कूल के गेट पर विद्यार्थियों का प्रदर्शन शुरू हुआ। इसमें छात्र और छात्राएं दोनों शामिल थे। उन्होंने महिला शिक्षक बबीता कुशवाहा पर आरोप लगाए और उन्हें हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के हाथों में जो पोस्टर थे उसमें भी महिला शिक्षक को हटाने की मांग की गई थी। प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थी उग्र हो गए और उन्होंने स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर में तोड़फोड़ कर दी। इसी दौरान विद्यार्थियों ने सीसीटीवी कैमरा भी तोड़ दिया। (यहां ध्यान देने की जरूरत है कि, सीसीटीवी कैमरा तोड़ने का आईडिया किसका था, क्योंकि यह सुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला है।) आंदोलन में हिंसा हो जाने के कारण पुलिस को कॉल करना पड़ा। जब जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों की मांग पूरी करते हुए महिला शिक्षक को स्कूल से हटाने का ऐलान किया तो प्रदर्शनकारी महिला शिक्षक को सस्पेंड करने की मांग करने लगे। 

महिला शिक्षक पर विद्यार्थियों के आरोप

  • पढ़ाई के बजाय सफाई और दूसरे काम कराए जाते हैं, विरोध करने पर फेल करने की धमकी दी जाती है और मारपीट भी की जाती है। 
  • महिला शिक्षक पर छात्राओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप। 
  • परीक्षा और अन्य गतिविधियों के दौरान उनसे बेंच जमाने, सफाई कराने और रोल नंबर लिखने जैसे काम कराए जाते हैं। 
  • लैब की सफाई का काम भी विद्यार्थियों से करवाया जाता है। 
  • काम करने से मना करने पर उन्हें फेल करने की धमकी दी जाती है। 
  • रविवार को परीक्षा के लिए बुलाया गया।
  • जूनियर छात्रों ने बताया कि उनके सामने सीनियर छात्रों की लोहे के पाइप से पिटाई की गई। 
  • कुछ छात्राओं ने भी हाथ-पैर में पाइप से मारने का आरोप लगाया। 
  • एक छात्रा ने दावा किया कि सवाल का जवाब देर से देने पर उसके साथ भी मारपीट की गई। 
  • विज्ञान विषय लेने वाले छात्रों से प्रोजेक्ट के नाम पर हर महीने 2500 रुपये मांगने का आरोप। 

छात्रों ने अपनी शिकायत के साथ एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी दी है जिसमें, परीक्षा परिणाम, पास-फेल और पैसे खर्च होने जैसी बातें हैं। 

आंदोलन से पैदा हुए कुछ सवाल

विद्यार्थियों के आधे से ज्यादा आप मैनेजमेंट से संबंधित थे। विद्यार्थियों से स्कूल के काम करवाना, सफाई करवाना, रविवार को परीक्षा के लिए बुलाना, यह सब कुछ विद्यालय प्रबंधन का मामला है। इस तरह के फैसले शिक्षक नहीं लेते। सवाल का जवाब देर से देने पर मारपीट का आप सीधे महिला शिक्षक से जुड़ा हुआ है। सवाल यह है कि जब समस्या विद्यालय प्रबंधन से थी तो फिर प्रदर्शन केवल एक महिला शिक्षक के खिलाफ क्यों हुआ?

दो आरोप बड़े अजीब से हैं

इसके अलावा दो आरोप बड़े अजीब से हैं। छात्राओं ने महिला शिक्षक पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप लगाया है। यहां नोट करना जरूरी है कि, शिक्षक पुरुष नहीं बल्कि महिला है। दूसरा- जूनियर छात्रों ने सीनियर छात्रों को प्रताड़ित किए जाने का मामला उठाया है। सामान्य तौर पर सीनियर छात्र, जूनियर छात्रों के अधिकारों की रक्षा करते हैं। यहां उल्टा हुआ है। 

फुल और फाइनल क्या है

छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच शिक्षा विभाग ने बबिता कुशवाहा को मिसरोद स्कूल से हटा दिया। जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें राज्य स्तरीय सेवा संकल्प अभियान की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल बरखेड़ा में पदस्थ रहीं रेणुका श्रीवास्तव को मिसरोद स्कूल में शैक्षणिक कार्य की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों आदेश 5 अक्टूबर से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।