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'राजनीतिक स्वार्थ के लिए छात्रों का इस्तेमाल कर रहा विपक्ष'; दिल्ली में जारी प्रदर्शन पर बोले राजनाथ सिंह
- Edited by: नितिन अरोड़ा
- Updated Jul 22, 2026, 03:29 PM IST
Defense Minister Rajnath Singh Parliament: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली छात्र आंदोलन पर विपक्ष को घेरा। विपक्ष पर छात्रों को राजनीतिक औजार बनाने और 'मैन्युफैक्चर्ड एंगर' फैलाने का आरोप लगाया।
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'राजनीतिक स्वार्थ के लिए छात्रों का इस्तेमाल कर रहा विपक्ष'; दिल्ली में जारी प्रदर्शन पर बोले राजनाथ सिंह
Rajnath Singh Statement Student Protest: राजधानी दिल्ली में छात्रों के 'चलो संसद' आंदोलन और संसद भवन परिसर में विपक्षी सांसदों के विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के युवाओं और छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए मोदी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन विपक्ष अपने राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध करने के लिए विद्यार्थियों को मोहरा बना रहा है।
उन्होंने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे असंतोष को 'मैन्युफैक्चर्ड सेंस ऑफ एंगर' (Manufactured Sense of Anger) करार देते हुए संसद के जारी मानसून सत्र को सुचारु रूप से चलाने की अपील की है।
विद्यार्थियों के कल्याण और न्याय के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है। रक्षा मंत्री के बयान के मुख्य बिंदु:
छात्रों की सुनवाई और समाधान: राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि छात्रों की हर जायज चिंता और समस्या को सुनना तथा उसका समाधान निकालना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी युवा या छात्र के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो।
विपक्षी भ्रम का शिकार नहीं होंगे युवा: उन्होंने विश्वास जताया कि भारत का जागरूक, परिपक्व और विवेकशील युवा विपक्ष के इस भ्रामक एजेंडे को अच्छी तरह समझता है और वह देश की प्रगति, विकास तथा राष्ट्रनिर्माण के रास्ते को ही चुनेगा।
'सड़क पर नहीं, संसद में करें सार्थक बहस'
दिल्ली की सड़कों पर जारी विरोध-प्रदर्शन और संसद के भीतर विपक्षी सांसदों द्वारा किए जा रहे हंगामे पर रक्षा मंत्री ने निशाना साधा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी मुद्दे पर विचार-विमर्श और बहस करने की सही जगह संसद भवन है, जहां विपक्ष अपनी बात रखने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष संसद के भीतर चर्चा करने के बजाय सड़कों पर मुद्दों को भड़काने की अनुचित कोशिश कर रहा है। यदि विपक्ष वास्तव में गंभीर है, तो उसे मानसून सत्र में व्यवधान डालने के बजाय पटल पर अपनी बात रखनी चाहिए।
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नितिन अरोड़ाauthor
नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।
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