जैसलमेर में ऊंट संरक्षण योजना की बकाया प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने से ऊंट पालकों में नाराजगी है। पशुपालकों का आरोप है कि वर्ष 2023-24 और 2025-26 का बजट स्वीकृत होने के बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा। इसको लेकर श्री देगराय ऊंट संरक्षण समिति के नेतृत्व
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बजट मंजूर, फिर भी नहीं मिला भुगतान
श्री देगराय ऊंट संरक्षण समिति के अध्यक्ष सुमेरसिंह भाटी सावंता ने बताया कि वर्ष 2023-24 और 2025-26 के लिए बजट स्वीकृत होने के बावजूद पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि विभाग के अधिकारी दूर-दराज से आने वाले पशुपालकों को बार-बार गुमराह कर बिना भुगतान लौटाते हैं। उन्होंने इसे प्रशासनिक उदासीनता और घपलेबाजी की ओर इशारा बताया।

कलेक्टर और संयुक्त निदेशक को सौंपा ज्ञापन
बकाया राशि की मांग को लेकर श्री देगराय उष्ट्र संरक्षण समिति के नेतृत्व में पशुपालकों ने जिला कलेक्टर और पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक को ज्ञापन सौंपा। पशुपालकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे अपने ऊंट जिला प्रशासन को सौंप देंगे।
योजना में 10 हजार रुपए की वित्तीय सहायता का प्रावधान
राज्य में ऊंटों की घटती संख्या रोकने और नस्ल सुधार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उष्ट्र संरक्षण (उष्ट्र प्रजनन) योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत मादा ऊंट (सांडणी) के बच्चे (टोडिया) के जन्म पर पशुपालक को 10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दो समान किश्तों में दी जाती है।
पहली किश्त टोडिया के जन्म के समय पहचान पत्र और टैगिंग के बाद तथा दूसरी किश्त उसके एक वर्ष का होने पर दी जाती है। राशि सीधे पशुपालक के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है।
चारे-पानी के संकट के बीच बढ़ी परेशानी
सुमेरसिंह भाटी सावंता ने कहा कि एक ओर चारे और पानी के संकट से जिले में ऊंटों की संख्या लगातार घट रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार की महत्वाकांक्षी योजना भी लचर व्यवस्था और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ केवल पात्र और जरूरतमंद पशुपालकों को मिलना चाहिए, न कि फर्जीवाड़ा करने वालों को।

'अधिकारियों ने बार-बार लौटाया'
समिति अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारी बार-बार पशुपालकों को अलग-अलग कारण बताकर वापस भेज देते हैं। दूरदराज के गांवों से आने वाले पशुपालकों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें भुगतान नहीं मिल रहा।
आंदोलन की चेतावनी
सुमेरसिंह भाटी सावंता ने कहा कि यदि पशुपालन विभाग और जिला प्रशासन ने जल्द बकाया प्रोत्साहन राशि जारी नहीं की, तो पशुपालक उग्र आंदोलन करेंगे और अपने ऊंट कलेक्ट्रेट परिसर में लाकर प्रशासन को सौंप देंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नरूराम, माशिंगाराम, मनोहरराम और चुतराराम देवासी सहित कई पशुपालक मौजूद रहे।