यमन के मिसाइल हमलों से दहला सऊदी अरब, दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको को बनाया निशाना
Middle East Tension: मध्य पूर्व युद्ध की आग में जल रहा है. अमेरिका और ईरान लगातार एक दूसरे पर मिसाइलें और ड्रोन से हमले कर रहे हैं तो वहीं अब यमन ने सऊदी पर मिसाइल हमला किया है.
Middle East Tension: मध्य पूर्व युद्ध की आग में जल रहा है. अमेरिका और ईरान लगातार एक दूसरे पर मिसाइलें और ड्रोन से हमले कर रहे हैं तो वहीं अब यमन ने सऊदी पर मिसाइल हमला किया है.
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यमन के मिसाइल हमलों से दहला सऊदी अरब, दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको को बनाया निशाना Photograph: (Social Media)
Middle East Tension: मध्य पूर्व में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा. जहां एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच ताबड़तोड़ हमले जारी हैं तो वहीं अब यमन ने भी सऊदी अरब पर हमला कर दिया है. बताया जा रहा है कि यमन ने सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया है. जानकारी के मुताबिक, सऊदी अरब के जिजान औद्योगिक शहर में धमाकों की आवाज सुनी गई. बताया जा रहा है कि जिजान की एक अहम सऊदी सुविधा को मिसाइल हमले में निशाना बनाया गया है. इस हमले से दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी पर सीधा खतरा मंडराने लगा है.
इलाके में बिजली हुई गुम
बताया जा रहा है कि इस हमले के बाद इलाके में बिजली गुम हो गई है. अरब सूत्रों के मुताबिक, यमन ने इस हमले के दौरान अरामको से जुड़ी एक तेल सुविधा को भी निशाना बनाया है. इन हमलों के चलते सऊदी अरब के जिजान, यानबू और दमाद इलाके प्रभावित हुए हैं. इसके साथ ही सऊदी सिविल डिफेंस ने यानबू प्रांत के लिए नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म पर इमरजेंसी अलर्ट जारी किया है.
Smoke rising over the skies of Jazan, Saudi Arabia as Yemen’s Houthis launches retaliatory attacks.
Iranian state media says Houthis "targeted an oil facility belonging to the Saudi Aramco company". pic.twitter.com/mzFMUBiH12
— AZ Intel (@AZ_Intel_) July 25, 2026
हूतियों के नियंत्रण वाले शहर पर सऊदी अरब का हमला
बता दें कि ये अटैक ऐसे समय में किया गया है जब मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग से भारी तनाव बना हुआ है. ऐसे में सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव में तेजी देखने को मिली है. जो मध्य पूर्व के लिए एक और बड़ी मुसीबत बन गया है. इससे पहले शुक्रवार देर रात सऊदी अरब ने यमन के हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले शहर होदेइदा पर हमले किए थे.
हूती विद्रोहियों ने दी थी चेतावनी
सऊदी अरब के इस हमले के बाद हूती विद्रोहियों ने चेतावनी दी थी कि यह हमला सऊदी अरब को महंगा पड़ेगा और समूह इसका करारा जवाब देगा. हूती से जुड़े अल मसीरा टीवी के मुताबिक, होदेइदा में दूरसंचार प्राधिकरण की सुविधाओं को निशाना बनाया गया था. इसके साथ ही कमरान द्वीप पर भी हमले हुए थे. इन हमलों में एक महिला घायल हुई थी.
लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों को बनाया निशाना
इससे पहले बुधवार को हूती विद्रोहियों ने दावा किया था कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों को ड्रोन और मिसाइल से निशाना बनाया, जिसमें कम से कम एक जहाज क्षतिग्रस्त हो गया. हूती विद्रोहियों ने ये कार्रवाई 20 जुलाई को घोषित नाकेबंदी के तहत की, जो सना एयरपोर्ट पर हुए हमले का जवाब बताई गई थी.
- इस हमले की जिम्मेदारी सऊदी समर्थित सरकार ने ली थी. हालांकि अब दोनों पक्षों के बीच 2022 से चली आ रही अनौपचारिक शांति खतरे में नजर आ रही है. जिसके टूटने का खतरा लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में लाल सागर मार्ग पर वैश्विक व्यापार को लेकर चिंता बढ़ गई हैं.
क्यों एक दूसरे के दुश्मन बने हुए हैं हूती और सऊदी अरब?
बता दें कि सऊदी अरब और यमन के ईरानी समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच टकराव की मुख्य वजह एक दशक पुराना राजनीतिक और सैन्य संघर्ष है, जो हाल ही में लाल सागर में हूतियों द्वारा सऊदी तेल टैंकरों पर हमले और समुद्री नाकाबंदी के ऐलान के बाद फिर से भड़क उठा है. ईरान हूती विद्रोहियों को समर्थन देता है जबकि सऊदी अरब और ईरान एक दूसरे को अपना दुश्मन मानते हैं. ऐसे में मध्य पूर्व में ईरान और सऊदी अरब के बीच क्षेत्रीय वर्चस्व हमेशा दिखता रहा है.
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