Rabi Crops MSP Hike 2027: केंद्र सरकार (Central govt) ने रबी मार्केटिंग सीजन 2027-28 (Rabi Season) के लिए गेहूं समेत छह प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।
सरकार के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर और लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराना है। बढ़ाए गए MSP में गेहूं (Wheat), जौ (barley), चना (Gram), मसूर (Lentil), सरसों-रेपसीड (Mustard) (Rapeseed) और कुसुम (safflower) शामिल हैं।
#WATCH | Delhi: Union Minister Ashwini Vaishnaw says, "Today, three major decisions with far-reaching nationwide impact were taken. The first decision concerns fixing the Minimum Support Price (MSP) for Rabi crops. For crops such as wheat, barley, gram, lentils, rapeseed, masoor,… pic.twitter.com/o8ZQwCWfqc
— ANI (@ANI) September 30, 2026
कुसुम के MSP में सबसे बड़ी बढ़ोतरी
सरकार ने सबसे अधिक वृद्धि कुसुम के MSP में की है। इसके समर्थन मूल्य में 675 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है। इसके बाद सरसों और रेपसीड के MSP में 413 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।
जानें किस फसल पर कितना MSP
कुसुम: ₹675/ क्विंटल
रेपसीड और सरसों: ₹413 क्विंटल
मसूर: ₹390 /क्विंटल
जौ: ₹136 क्विंटल
चना: ₹83 क्विंटल
गेहूं: ₹25 क्विंटल
🌾 Better Returns for Our Farmers!
The Union Cabinet has approved an increase in the Minimum Support Prices (MSP) for all mandated Rabi Crops for Marketing Season 2027-28.
🔸 Safflower: +₹675/quintal
— PIB India (@PIB_India) September 30, 2026
🔸 Rapeseed & Mustard: +₹413/quintal
🔸 Lentil (Masur): +₹390/quintal
🔸… pic.twitter.com/Olocyt21Zj
1.5 गुना लागत का फॉर्मूला अपनाया
सरकार के अनुसार, MSP में यह संशोधन 2018-19 के केंद्रीय बजट (Union Budget) में तय नीति के अनुरूप किया गया है। इस नीति के तहत किसानों को उनकी फसल की अनुमानित औसत लागत का कम से कम 1.5 गुना MSP उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकारी अनुमान के मुताबिक, लागत के मुकाबले किसानों को गेहूं में करीब 106%, सरसों-रेपसीड में 96%, मसूर में 92%, चना में 59%, जौ में 58% और कुसुम में करीब 50% का रिटर्न मिल सकता है।
दाल और तिलहन की खेती पर जोर
सरकार गेहूं और चावल जैसी प्रमुख अनाज फसलों के साथ दाल और तिलहन का उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। इसी दिशा में इन फसलों के MSP में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि की जा रही है, ताकि किसान फसल विविधीकरण की ओर बढ़ें और दाल-तिलहन का उत्पादन बढ़ाया जा सके।
गेहूं की सरकारी खरीद में भी इजाफा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2014-15 से 2025-26 के बीच करीब 3,715 लाख मीट्रिक टन (LMT) गेहूं की खरीद की गई। वहीं, 2004-05 से 2013-14 के 10 साल के दौरान सरकारी गेहूं खरीद करीब 2,254 LMT रही थी।
छह प्रमुख रबी फसलों को मिलाकर देखें तो 2004-05 से 2013-14 के बीच सरकारी खरीद करीब 2,302 LMT थी, जो 2014-15 से 2025-26 के दौरान बढ़कर लगभग 3,921 LMT हो गई।
MSP भुगतान में भी बड़ी बढ़ोतरी
2014-15 से 2025-26 के बीच गेहूं किसानों को MSP के तहत करीब 7.31 लाख करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। इससे पहले 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह राशि करीब 2.56 लाख करोड़ रुपए थी।
छह प्रमुख रबी फसलों के लिए MSP के तहत कुल भुगतान भी बढ़ा है। 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह करीब 2.65 लाख करोड़ रुपए था, जो 2014-15 से 2025-26 के दौरान बढ़कर लगभग 8.36 लाख करोड़ रुपए हो गया।
सरकार का कहना है कि MSP में ताजा बढ़ोतरी से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ दाल और तिलहन जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
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