Rewa Flood Update: रीवा में मूसलाधार बारिश से हाहाकार, 50 गांवों का संपर्क टूटा; 136 लोगों का रेस्क्यू - Haribhoomi

Published on 22 अग॰ 2026

रीवा में 24 घंटे में 187 MM बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं। 50 गांवों का सड़क संपर्क टूटा, 136 लोगों का रेस्क्यू हुआ और 2200 प्रभावितों को 27 राहत शिविरों में पहुंचाया गया।

Rewa Heavy Rain

त्यौथर विधायक ने बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा किया।

  • Published: 22 Aug 2026, 09:29 AM IST
  • Last Updated: 22 Aug 2026, 09:29 AM IST

रीवा में लगातार हो रही बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। बीते 24 घंटे में जिले में 187 मिमी यानी सवा सात इंच से ज्यादा पानी गिरा, जिसके बाद नदियां और नाले उफान पर आ गए हैं। तराई क्षेत्र के 50 गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि रीवा और मऊगंज के 400 से ज्यादा गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने रेस्क्यू और राहत अभियान तेज कर दिया है। अब तक 136 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और 2200 से अधिक प्रभावितों को 27 राहत शिविरों में ठहराया गया है।

रीवा जिले में बारिश ने एक बार फिर करीब एक दशक पुराने बाढ़ जैसे हालात की याद दिला दी है। लगातार बारिश के कारण शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जिले में इस मानसून सीजन में अब तक कुल 426.8 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है।

बारिश के साथ जलाशयों और नदियों में पानी की आवक तेजी से बढ़ी है। बाणसागर को छोड़कर क्षेत्र के अधिकांश छोटे-बड़े जलाशय भर चुके हैं। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बीहर नदी के सभी 18 गेट खोल दिए गए हैं। इसके अलावा बकिया बराज के 14, मेजा के 5 और अंदवा बांध के 4 गेट से भी पानी छोड़ा जा रहा है।

रायपुर कर्चुलियान, गुढ़ और त्योंथर में 120 MM बारिश
बीते 24 घंटे में जिले के कई इलाकों में भारी बारिश हुई। रायपुर कर्चुलियान, गुढ़ और त्योंथर में 120-120 मिमी बारिश दर्ज की गई। मनगवां में 110 मिमी, हुजूर में 105 मिमी और सेमरिया में 85 मिमी पानी गिरा।

लगातार बारिश के चलते तराई क्षेत्र में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पटेहरा में टमस नदी खतरे के निशान से करीब ढाई मीटर ऊपर बह रही है। बेलन नदी और उसकी सहायक नदियां नैना व गोरमा भी खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। बेलन नदी के जलस्तर में महज 24 घंटे में करीब साढ़े सात फीट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

50 गांवों का संपर्क टूटा, 400 से ज्यादा गांव प्रभावित
जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र की दो दर्जन से ज्यादा पंचायतों के करीब 50 गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। रीवा और पड़ोसी मऊगंज जिले के 400 से ज्यादा गांव बारिश और जलभराव से प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई जगह कच्चे मकानों के ढहने की भी सूचना है।

हालात बिगड़ने के बाद प्रशासनिक टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंच गई हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। अब तक 136 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया है।

2200 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में
प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए 27 सुरक्षित राहत शिविर बनाए हैं। इनमें 2200 से अधिक लोगों को ठहराया गया है। जलभराव वाले इलाकों में राहत और बचाव दल लगातार निगरानी कर रहे हैं। जिन क्षेत्रों में पानी का स्तर बढ़ रहा है, वहां लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर भेजने की कोशिश की जा रही है।

बिजली आपूर्ति भी प्रभावित, पांच दिन और बारिश का अनुमान
लगातार बारिश के बीच कई इलाकों में बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा है, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है। प्रशासन के सामने एक साथ जलभराव, बिजली व्यवस्था और प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने की चुनौती है।

मौसम केंद्र ने अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में नदियों और जलाशयों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बारिश जारी रहने पर तराई और निचले इलाकों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

त्यौथर विधायक ने बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा किया
लगातार बारिश के बीच त्यौथर विधायक सिद्धार्थ तिवारी लोगों के बीच पहुंच रहें हैं। कलेक्टर और एसपी के साथ बाढ़ प्रभावित इलाको का जयाजा लिया। इसके साथ ही राहत शिविर में लोगों को जाने की अपील की है।