औरंगाबाद में कुटुंबा थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म के मामले को लेकर शनिवार को राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। काराकाट सांसद राजाराम सिंह, एससी/एसटी आयोग के सदस्य संजय कुमार और राजद की उच्चस्तरीय जांच कमेटी कुटुंबा पहुंची। टीम ने पीड
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एससी/एसटी आयोग के सदस्य संजय कुमार ने दावा किया कि मेडिकल जांच में पीड़िता के बयानों की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन मामले में कार्रवाई कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
राजद नेताओं ने कहा कि इतनी गंभीर घटना में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए। नेताओं ने पुलिस और प्रशासन से मामले की जांच में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की मांग की।
पीड़िता के परिजनों से मुलाकात के दौरान नेताओं ने उन्हें भरोसा दिलाया कि राजद इस मामले को लेकर आवाज उठाता रहेगा और दोषियों को सजा दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा।
एक सप्ताह में चार्जशीट और स्पीडी ट्रायल की मांग
राजद जांच कमेटी के संयोजक और पूर्व मंत्री सुरेश पासवान ने पुलिसिया कार्रवाई को लेकर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच में ऐसी कोई कानूनी कमी नहीं रहनी चाहिए, जिसका फायदा उठाकर आरोपी अदालत में बच निकलें।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में एसपी, डीएम और सिविल सर्जन से बातचीत की जाएगी। राजद नेताओं ने मांग की कि मामले में जल्द से जल्द जांच पूरी कर एक सप्ताह के भीतर चार्जशीट दाखिल की जाए और इसके बाद स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।
पीड़िता की पढ़ाई और भविष्य को लेकर भी मांग
सुरेश पासवान ने पीड़िता के भविष्य को लेकर भी कई मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि पीड़िता और गांव की अन्य बच्चियों का दाखिला आवासीय विद्यालय में कराया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही पीड़िता की शिक्षा पूरी होने के बाद उसे नौकरी देने की लिखित गारंटी देने की मांग भी उन्होंने रखी।

पीड़िता से मिलने पहुंचे लोग
पूर्व विधायक ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
पूर्व विधायक सतीश दास ने भी कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिनदहाड़े सार्वजनिक स्थान से नाबालिग को अगवा किया गया और रास्ते में पुलिस की चेकिंग व्यवस्था प्रभावी नहीं रही। उन्होंने प्राथमिकी में यदि कोई जरूरी धारा छूटी है तो उसे जोड़ने तथा आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
सतीश दास ने कहा कि यदि पीड़िता को समय पर न्याय नहीं मिला तो राजद और उसके सहयोगी पूरे औरंगाबाद समेत बिहार में आंदोलन करेंगे। उन्होंने बिहार बंद की चेतावनी भी दी।
सांसद बोले- पीड़ित परिवार और गवाहों को मिले सुरक्षा
काराकाट सांसद राजाराम सिंह ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जिस तरह आरोपी कथित तौर पर बेखौफ होकर अपनी करतूतों की बात कर रहे हैं, उससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने दोषियों के लिए कठोरतम सजा की मांग की।
सांसद ने राजद के जिला सचिव मुनारिक राम को न्याय की आवाज उठाने के कारण कथित तौर पर मिल रही धमकियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ-साथ मामले से जुड़े गवाहों और न्याय की मांग करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
तेजस्वी यादव को सौंपी जाएगी जांच रिपोर्ट
राजद नेताओं ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर पार्टी के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को सौंपी जाएगी। नेताओं के मुताबिक रिपोर्ट मिलने के बाद तेजस्वी यादव स्वयं कुटुंबा पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सकते हैं।
नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो और किसी भी स्तर पर कानूनी या तकनीकी कमी न रहे। उनका कहना था कि पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा, शिक्षा और भविष्य के लिए आवश्यक सहायता मिलनी चाहिए।
इस दौरान विधायक सूबेदार दास, विधायक अमरेंद्र कुमार कुशवाहा, पूर्व विधायक समता देवी, चमार रेजिमेंट के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सम्राट, जिलाध्यक्ष दशरथ भारती, वीरेंद्र मेहता, अनिल टाइगर, सत्यनारायण शर्मा, मनोज यादव, मुखिया श्याम बिहारी राय, रवींद्र यादव और पुटू यादव समेत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
राजद नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि मामले में न्याय की प्रक्रिया में देरी हुई तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी। वहीं, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुलिस और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की गई।