Sagar Sharab Death Case Update:सागर में जहरीली शराब कांड (Sagar Sharab Death Case) में मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान मध्यप्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने किया। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा (Deputy CM Jagdish Devda) बंडा में अवैध शराब से प्रभावित मरीजों का हाल जानने पहुंचे थे। उन्होंने अवैध शराब पर रोक लगाने और लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
सागर जिले में जहरीली शराब के मामले में संलिप्त पाए गए लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है तथा संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया गया है। प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है। जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वर्तमान में 30 आरोपियों के विरुद्ध… pic.twitter.com/YAiQ4hArtJ
— Jansampark MP (@JansamparkMP) September 7, 2026
अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अधिकारियों को अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह बंद कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मामले में किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन को सभी शराब दुकानों की जांच करने, स्टॉक पर नजर रखने और अवैध शराब (Sagar Sharab Death Case) बनाने, ले जाने और बेचने वाले लोगों के पूरे नेटवर्क की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
30 लोगों पर कार्रवाई, 14 गिरफ्तार
अधिकारियों ने बताया कि बंडा थाने में भारतीय न्याय संहिता और मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत 30 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इनमें से 13 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस और प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि अवैध शराब बनाने, रखने और बेचने के काम में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
मरीजों से मिलने अस्पताल पहुंचे देवड़ा
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा (Jagdish Devda) ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के ICU और क्रिटिकल केयर वार्ड में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों की हालत की जानकारी ली और इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करने के निर्देश दिए। मरीजों और उनके परिजनों से बात कर उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में सरकार उनके साथ है।
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एक गंभीर मरीज भोपाल रेफर
अधिकारियों के मुताबिक, अवैध शराब से प्रभावित एक गंभीर मरीज को AIIMS भोपाल रेफर किया गया है। वहीं ज्यादातर मरीजों की हालत अभी स्थिर बताई गई है। देवड़ा ने निर्देश दिए कि जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 24 घंटे उपलब्ध रहे। साथ ही दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और अन्य जरूरी सामान की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा।
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मजिस्ट्रियल जांच भी जारी
बंडा में हुई घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं। अब पुलिस की कार्रवाई के साथ अस्पताल में मरीजों का इलाज और प्रशासनिक जांच भी जारी है। सरकार का फोकस प्रभावित लोगों को बेहतर इलाज देने और अवैध शराब के पूरे नेटवर्क तक पहुंचकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर है।