नई दिल्ली4 घंटे पहले
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शाह ने दिल्ली में मीडिया को संबोधित किया।
देश भर में SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पहली बार बयान दिया। उन्होंने कहा- राहुल गांधी SIR की आड़ में घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस देश की जनता उनके एजेंडे को अच्छी तरह समझती है।
उन्होंने कहा- SIR प्रक्रिया 2024 के बाद शुरू हुई, जबकि राहुल गांधी के राजनीति में आने के बाद से ही कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है। मैं राहुल से कहना चाहता हूं कि 2029 में एक बार फिर करारी हार के लिए तैयार रहें।
शाह ने कहा- 2029 के लोकसभा चुनाव में NDA भारी बहुमत से जीत हासिल करेगा और कांग्रेस को लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ेगा। इस देश की जनता पीएम मोदी, भाजपा और NDA के साथ है। आप इस सच को नकार नहीं सकते।

शाह ने पूछा- क्या गुजरात निकाय चुनावों में हार की वजह भी SIR
शाह ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने कुल 104 सीटों में से 90 सीटें जीती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गुजरात निकाय चुनावों में कांग्रेस की हार की वजह भी SIR है?
उन्होंने कहा- गुजरात निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी ने सभी 32 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन हर सीट पर उसकी जमानत जब्त हो गई। कांग्रेस 41 साल से गुजरात में एक भी चुनाव नहीं जीती है। कांग्रेस ने आखिरी चुनाव 1985 में जीता था।

शाह बोले- बैलेट पेपर से चुनाव हुए, फिर मशीनों पर सवाल क्यों?
शाह ने त्रिपुरा के ग्राम समिति चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि NDA ने करीब 77.5% वोट हासिल किए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस 4,600 सीटों में से केवल 14 सीटें जीत सकी।
उन्होंने चुनाव नतीजों के लिए बैलेट मशीनों को जिम्मेदार ठहराने वालों पर निशाना साधते हुए कहा- जिन चुनावों को लेकर आरोप लग रहे हैं, वे बैलेट पेपर से कराए गए थे। इससे भाजपा की जीत के लिए बैलेट मशीनों को जिम्मेदार ठहराने का तर्क खारिज होता है।
उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में 33 साल से कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री नहीं बना है। पश्चिम बंगाल और गुजरात में भी कांग्रेस लंबे समय से चुनाव नहीं जीत रही है। शाह ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या इन नतीजों को भी SIR से जोड़ेंगे?
शाह बोले- कांग्रेस बंगाल-तमिलनाडु उपचुनावों में भी नहीं जीती कांग्रेस
शाह ने हाल में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए उपचुनावों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस इनमें एक भी सीट नहीं जीत सकी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के नाओगांव में भाजपा उम्मीदवार ने 1.42 लाख वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जबकि नंदीग्राम में भाजपा उम्मीदवार 1.22 लाख वोटों से जीते।
राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि भाजपा ने 90% नगर निगमों, 66% नगर परिषदों और 65% नगरपालिकाओं में जीत हासिल की।

SIR पर विपक्ष का हंगामा, टाइमलाइन में समझिए, कब क्या हुआ
23 सितंबर: SIR पर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों पर रिपोर्ट
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट आई, जिसके मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई। रिपोर्ट सामने आने के बाद विवाद शुरू हुए। चुनाव आयोग ने कहा कि फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
6 अक्टूबर: राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक का प्रदर्शन
वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाला। पुलिस ने मार्च रोका और राहुल-प्रियंका समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
8 अक्टूबर: राजघाट पर विपक्ष का मौन प्रदर्शन
राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के सांसदों ने राजघाट पर मौन प्रदर्शन किया। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। अन्य शहरों में भी चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन हुए।
10 अक्टूबर: CJP का प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया। लेकिन पुलिस ने प्रदर्शन रोक दिया। इस दौरान करीब 7000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिसे लेकर विवाद और बढ़ा।
12 अक्टूबर: INDIA ब्लॉक का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च
राहुल के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। उन्होंने SIR में कथित अनियमितताओं की जांच और प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। इस मामले में विपक्षी नेताओं ने याचिका भी दायर की।
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राहुल बोले- ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर रहेंगे:जितना समय लगे, आंदोलन जारी रहेगा; INDIA ब्लॉक की 8 दिन में छठी बैठक

SIR के खिलाफ और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA ब्लॉक के नेताओं ने राहुल गांधी के घर चाय पर बैठक की। करीब दो घंटे चली इस बैठक के बाद सभी नेता एक साथ बाहर आए और मीडिया को संबोधित किया। राहुल गांधी ने कहा- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना हमारा मिशन है। इसमें जितना भी समय लगे, एक दिन, एक साल या दो साल, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। राहुल ने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने के लिए अंत तक संघर्ष करेगा। पूरी खबर पढ़ें…
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